RANCHI: रांची रेलवे स्टेशन के पार्किंग क्षेत्र में मंगलवार की अहले सुबह आरपीएफ की गश्ती टीम और ट्रांसजेंडर के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच मारपीट हुई। इस दौरान ट्रांसजेंडर ने आरपीएफ जवानों पर पथराव कर दिया। इस घटना में दो जवान घायल हो गए। आनन-फानन में घायल जवानों को अस्पताल में भर्ती कराया गया। मामले में एक ट्रांसजेंडर को पुलिस ने हिरासत में लिया है। पकड़े गए ट्रांसजेंडर लियोनी राय है। इस मामले में आरपीएफ पोस्ट के कमांडर सह निरीक्षक शिशुपाल कुमार ने चुटिया थाना में लियोनी समेत कुछ ट्रांसजेंडर के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करायी है।
आवेदन के अनुसार, मंगलवार की देर रात करीब तीन बजे वह अन्य अधिकारियों और जवानों के साथ रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया और पार्किंग क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। इसका उद्देश्य रेलवे परिसर में अवांछित गतिविधियों को रोकना और विधि व्यवस्था बनाए रखना था।

जगह खाली करने के निर्देश पर बढ़ा विवाद
शिशुपाल कुमार के अनुसार, पार्किंग क्षेत्र में करीब पांच से छह ट्रांसजेंडर व्यक्ति संदिग्ध गतिविधियां करते हुए मिले। आरपीएफ कर्मियों ने उन्हें जगह खाली करने और किसी तरह का उपद्रव नहीं करने का निर्देश दिया। आरोप है कि संबंधित व्यक्तियों ने निर्देश मानने से इंकार कर दिया और आरपीएफ अधिकारियों तथा जवानों के अधिकार पर सवाल उठाते हुए आक्रामक व्यवहार करने लगे।
आवेदन में कहा गया है कि जवानों ने कई बार समझाने बुझाने का प्रयास किया, लेकिन स्थिति सामान्य नहीं हुई। इसी दौरान कुछ व्यक्तियों ने कथित तौर पर अपने कपड़े उतारने और अशोभनीय व्यवहार करने का प्रयास किया। उन्होंने अपने अन्य साथियों को भी मौके पर बुला लिया और आरपीएफ कर्मियों के साथ उलझने लगे।स्थिति बिगड़ने पर स्टेशन और सर्कुलेटिंग एरिया में तैनात अतिरिक्त आरपीएफ अधिकारियों तथा जवानों को बुलाया गया। आरोप है कि इसके बाद कुछ व्यक्तियों ने जवानों पर पत्थर फेंकने शुरू कर दिए।
एक जवान की कलाई फ्रैक्चर
पथराव में आरक्षी केके महतो की बाईं कलाई में चोट आई और फ्रैक्चर हो गया। प्रधान आरक्षी संतोष कुमार की पीठ पर भी पत्थर लगा। आवेदन के अनुसार, लगातार पथराव और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ कर्मियों ने आत्मरक्षा तथा हालात नियंत्रित करने के लिए न्यूनतम आवश्यक बल का इस्तेमाल किया।
घटना के दौरान हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान लियोनी राय, पिता सजू नायक, निवासी मधुकांत तालाब, सुखदेवनगर थाना क्षेत्र, रांची के रूप में बताई गई है। अन्य लोगों की पहचान और पूरा विवरण तत्काल उपलब्ध नहीं हो सका। हिरासत में लिए गए व्यक्ति को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए आरपीएफ पोस्ट रांची लाया गया। घायल आरक्षी केके महतो और प्रधान आरक्षी संतोष कुमार को इलाज के लिए गुरु नानक अस्पताल, रांची में भर्ती कराया गया है।
पहले भी शहर में किन्नरों के द्वारा किया जा चुका है हंगामा
राजधानी में किन्नरों से जुड़ी हंगामे की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं। अरगोड़ा चौक के समीप पिछले वर्ष नवंबर एक बार में डांस के दौरान किन्नरों और ग्राहकों के बीच विवाद हुआ था। एक लीकर बार में डांस कार्यक्रम के दौरान किन्नरों और कुछ ग्राहकों के बीच विवाद हो गया था। कहासुनी के बाद मामला धक्का-मुक्की और मारपीट तक पहुंच गया। किन्नरों ने आरोप लगाया था कि बार में कुछ ग्राहकों ने उनके साथ मारपीट की। इसके बाद वे बार से बाहर निकल आए और सड़क जाम कर हंगामा करने लगे।
सूचना मिलने पर अरगोड़ा थाना पुलिस और वरीय अधिकारी मौके पर पहुंचे। किन्नरों को सड़क से हटाने के दौरान पुलिस से भी उनकी नोकझोंक हुई। किन्नरों का पुलिस के साथ भी हाथापाई हो गया था। वहीं जनवरी में सुखदेवनगर थाना क्षेत्र के किशोरगंज रोड नंबर पांच में भी किन्नरों के एक समूह ने हंगामा किया था। समूह का आरोप था कि एक स्थानीय अधिवक्ता ने अभद्र टिप्पणी की और विरोध करने पर मारपीट की थी।





