DHANBAD: धनबाद के चर्चित कपड़ा व्यवसायी बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हत्याकांड के शूटर और कुख्यात अपराधी शंकर डे उर्फ प्रशांत डे को पुलिस ने मंगलवार की रात मनियाडीह थाना क्षेत्र में मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया।पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ बंगाल, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में हत्या, लूट और डकैती के 18 से अधिक मामले दर्ज हैं।
मिली जानकारी के अनुसार, पुलिस शंकर डे को हथियार बरामदगी के लिए लेकर गई थी। इसी दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग कर भागने की कोशिश की। नवादा जंगल के पास भौरा घाटी में शंकर ने एक एएसआई का पिस्टल छीनकर पुलिस पर गोली चला दी। जवाबी फायरिंग में उसके पैर में गोली लगी। घायल शंकर को इलाज के लिए एसएनएमएमसीएच भेजा गया है।


कुख्यात अपराधी शंकर डे उर्फ प्रशांत डे से पुलिस पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की खबर है। मंगलवार की देर रात पुलिस मुठभेड़ में घायल होने के बाद पूछताछ के दौरान उसने गोंदूडीह और बरवाअड्डा क्षेत्र में हुई कई वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस अब उसके बयानों के आधार पर विभिन्न आपराधिक मामलों की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिस पूछताछ में शंकर डे ने 21 जून को गोंदूडीह ओपी क्षेत्र के खरिकाबाद में हुई हत्या और लूट की वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। इस मामले में राम प्रताप प्रसाद की हत्या का जिक्र सामने आया है। पुलिस इस वारदात से जुड़े तथ्यों और आरोपी के बयान की जांच कर रही है।
पूछताछ में झरिया के बस्ताकोला निवासी आटा मिल कर्मी उमेश यादव (45) की हत्या का मामला भी सामने आया है। जानकारी के अनुसार, उमेश यादव मिल के रुपये का कलेक्शन करने के बाद लौट रहे थे। इसी दौरान उन्हें गोली मार दी गई और कलेक्शन की रकम लूट ली गई थी।
शंकर डे का नाम धनबाद के चर्चित कपड़ा कारोबारी बिहारी लाल चौधरी हत्याकांड में भी सामने आ चुका है। वह इस मामले में पहले जेल जा चुका है। अब एक बार फिर उसकी गिरफ्तारी और पूछताछ के बाद पुलिस पुराने मामलों तथा अन्य आपराधिक घटनाओं के संभावित संबंधों की पड़ताल कर रही है।
राम प्रताप प्रसाद की हत्या का खुलासा
17 जुलाई को मनियाडीह ले जाकर राम प्रताप की कर दी थी हत्या: उसने पुलिस को बताया कि इसी साल 17 जुलाई से गुमशुदा राम प्रताप प्रसाद की उसने हत्या कर दी है। शंकर ने बताया कि राम प्रताप प्रसाद उसके साथ लूटपाट की घटनाओं में सक्रिय था। लूट के पैसे के लेनदेन और हिस्सेदारी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इस विवाद में शंकर डे ने 17 जुलाई को ही राम प्रताप की हत्या कर दी और शव को टुंडी के मनियाडीह थाना क्षेत्र के नवादा जंगल में फेंक दिया था। मशरूम चुनने गए कुछ ग्रामीणों ने अज्ञात शव होने की बात पुलिस को बताई थी। 26 अगस्त को राम प्रताप की पत्नी मीना कुमारी ने केंदुआडीह थाने में पति की गुमशुदगी की प्राथमिकी दर्ज कराई थी।
कई राज्यों में दर्ज हैं आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार, शंकर डे दुर्गापुर का रहने वाला है। उसके खिलाफ बंगाल, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों में हत्या, लूट व डकैती समेत 18 से अधिक मामले दर्ज हैं। बनारस में भी उसके खिलाफ मामले हैं। पुलिस प्रताप के साथ उसके संबंधों और हत्या के कारणों की जांच कर रही है।





