नई दिल्ली/तिरुवनंतपुरम: तमिलनाडु की दिवंगत मुख्यमंत्री जयललिता और अभिनेता-नेता एमजीआर की कथित बेटी होने का दावा करते हुए केरल की एक महिला ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। त्रिशूर ज़िले के कत्तूर की रहने वाली के.एम. सुनीता ने सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखते हुए जयललिता की मौत की नए सिरे से जांच कराने की मांग की है। मलयाला मनोरमा की खबर के मुताबिक इस महिला ने जयललिता की मित्र शशिकला पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं ।
सुनीता ने खुद को बताया जयललिता की बेटी
सुनीता का दावा है कि उन्होंने अब तक गुप्त रूप से जीवन व्यतीत किया क्योंकि परिस्थितियां उन्हें ऐसा करने को मजबूर कर रही थीं। उन्होंने अपने पत्र में लिखा है कि जन्म के बाद उन्हें एमजीआर के घरेलू सहायक द्वारा चुपचाप केरल भेज दिया गया, जिन्होंने उन्हें ‘सुनीता’ नाम दिया।
जयललिता ने कराया था डीएनए टेस्ट
सुनीता के अनुसार, जब वह 18 साल की हुईं, तब जयललिता ने उनका डीएनए टेस्ट करवाया और फिर उन्हें अपनी बेटी के रूप में स्वीकार किया। उन्होंने यह भी बताया कि वह कई बार पोएस गार्डन स्थित जयललिता के निवास पर जाकर उनसे मिलीं।
शशिकला ने जयललिता को मारे चांटे?
सुनीता ने सनसनीखेज दावा करते हुए बताया कि 22 सितंबर 2016 को जयललिता प्रेस कांफ्रेंस कर सार्वजनिक रूप से उन्हें अपनी बेटी घोषित करने वाली थीं। लेकिन उसी दिन सुबह जब वह पोएस गार्डन पहुंचीं, तो उन्होंने देखा कि जयललिता बेहोश अवस्था में पड़ी थीं और शशिकला उन्हें थप्पड़ मार रही थीं। सुनीता ने आरोप लगाया है कि जयललिता के परिजन और शशिकला के सहयोगी भी उस वक्त घर में मौजूद थे। जब उन्होंने हस्तक्षेप करने की कोशिश की तो एक घरेलू कर्मचारी ने उन्हें जबरन घर से बाहर निकाल दिया। जान का खतरा महसूस करते हुए वह वापस केरल लौट गईं और अब तक चुप रहीं।
पीएम मोदी को भी लिखी चिट्ठी
सुनीता ने यह भी दावा किया कि जयललिता उन्हें आर्थिक रूप से मदद करती थीं। उन्होंने केंद्र सरकार से भी इस मामले में हस्तक्षेप की मांग की है और बताया कि वह प्रधानमंत्री और गृहमंत्री से मिलकर भी अपनी शिकायत दर्ज कराने की कोशिश कर रही हैं। इस दावे ने तमिलनाडु की राजनीति में एक बार फिर से हलचल पैदा कर दी है। अब देखना होगा कि सुप्रीम कोर्ट इस मामले में क्या रुख अपनाता है और क्या जयललिता की मौत की फिर से जांच होती है या नहीं।




