रांची: हजारीबाग से बीजेपी के सांसद जयंत सिन्हा के बेटे आशीर सिन्हा ने कांग्रेस की सदस्यता नहीं ली है। इस बात का खंडन सांसद के मीडिया प्रभारी अनिल सिन्हा ने दी। हजारीबाग में हुए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की सभा में शामिल हुए आशीर सिन्हा की तस्वीर सामने आने के बाद ये कहा जाने लगा कि बीजेपी सांसद जयंत सिन्हा के बेटे और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा के पोते ने कांग्रेस की सदस्यता ले ली है।
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जयंत सिन्हा के मीडिया प्रभारी अनिल सिन्हा ने आशीर सिन्हा के कांग्रेस की सदस्यता लेने की खबरों को खंडन करते हुए एक प्रेस रिलीज जारी किया जिसमें उन्होने लिखा कि हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद जयंत सिन्हा के छोटे सुपुत्र आशीर सिन्हा के बारे में मीडिया में चल रही भ्रामक खबर के बारे में खंडन करते हुए कहना है कि आशीर सिन्हा सिर्फ खरगे जी की सभा में उनकी बातों को सुनने के लिए पहुंचे थे, मगर मीडिया में एक भ्रामक खबर चल रही है कि उन्होने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर लिया है जो सरासर गलत है। उन्होने अभी तक किसी भी राजनीतिक दल की सदस्यता ग्रहण नहीं किया है। इस तरह के भ्रामक खबर फैलाकर यशवंत सिन्हा और जयंत सिन्हा को बदनाम किया जा रहा है। आशीर सिन्हा का राजनीति से कोई लेना देना नहीं है।

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आशीर सिन्हा को लेकर आई इस जानकारी के बाद ये बातें स्पष्ट हो गई है कि उन्होने कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण नहीं की है, वो और उनका परिवार सिर्फ वर्तमान राजनीतिक हालातों का आकलन कर रहा है। बीजेपी की ओर से टिकट कटने के बाद एक तरफ जहां जयंत सिन्हा राजनीतिक रूप से निष्क्रिय हो गये है वही दूसरी ओर यशवंत सिन्हा ने अपना खुला समर्थन कांग्रेस उम्मीदवार जेपी पटेल को दे दिया है। वो लगातार कांग्रेस के कार्यक्रमों में शामिल हो रहे है और बीजेपी उम्मीदवार मनीष जायसवाल के खिलाफ उन्होने मोर्चा खोल रखा है। मनीष जायसवाल के खिलाफ वो सोशल मीडिया पर भी लगातार सक्रिय नजर आ रहे है। आशीर सिन्हा के राजनीतिक भविष्य को लेकर सिन्हा परिवार अभी वेट एंड वॉच की स्थिति में रहना चाहता है।
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