बिहार में BJP विधायक मिश्री लाल यादव को भेजा गया जेल, मारपीट और लूटपाट के मामले में कोर्ट ने दी सजा

मिश्री लाल यादव की विधानसभा सदस्यता होगी बहाल, हाईकोर्ट के आदेश के बाद स्पीकर से मिले BJP के पूर्व विधायक

दरभंगाः अलीनगर सीट से बीजेपी विधायक मिश्रा लाल यादव को मारपीट, गाली-गलौच और लूटपाट के मामले में कोर्ट ने सजा सुनाई है। दरभंगा एडीजे-3 ने बीजेपी विधायक को तीन महीने की सजा और 500 रुपए का जुर्माना लगाया। कोर्ट के आदेश के बाद बीजेपी विधायक को गिरफ्तार कर मंडल कारा भेज दिया गया।

सत्यपाल मलिक पर CBI ने दर्ज की चार्जशीट, तबीयत बिगड़ने के बाद पूर्व राज्यपाल को अस्पताल में कराया गया भर्ती

दरअसल, ये पूरा मामला 29 जनवरी 2019 का है जब समैला गांव के रहने वाले उमेश मिश्रा ने हमले को लेकर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। उन्होने अपने बयान में कहा था कि मिश्रा लाल यादव और उनके समर्थकों ने उनपर हमला किया। इस हमले में उन्हे चोटें भी आईं। इस फैसले के बाद विधायक मिश्री लाल यादव के करीबियों का कहना है कि वो इस निर्णय को ऊपरी अदालत में चुनौती देंगे। उनके समर्थकों ने कहा कि विधायक को गलत तरीके से फंसाया गया है और वो न्याय के लिए हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

See also  अभिनेत्री हुमा कुरैशी के चचेरे भाई की हत्या, दिल्ली में पार्किंग विवाद को लेकर हुआ था झगड़ा

सलमान खान की सुरक्षा में हुई बड़ी चूक, घर में संदिग्ध के घुसने पर बवाल

यह घटना 29 जनवरी 2019 को रैयाम थाना क्षेत्र के समैला गांव में हुई थी, जिसके बाद पीड़ित उमेश मिश्र ने 30 जनवरी 2019 को मिश्री लाल यादव और सुरेश यादव के खिलाफ मारपीट और पैसे छीनने का मुकदमा दर्ज कराया था। उमेश मिश्र ने अपनी शिकायत में बताया था कि सुबह टहलने के दौरान मिश्री लाल यादव और सुरेश यादव ने 20-25 लोगों के साथ मिलकर उन पर हमला किया। आरोप है कि विधायक ने फरसे से उनके सिर पर वार किया, जिससे गंभीर चोटें आईं, और सुरेश यादव ने रॉड व लाठी से हमला किया। इस दौरान उनकी जेब से पैसे भी छीन लिए गए। घायल उमेश को पहले स्थानीय पीएचसी और फिर दरभंगा मेडिकल कॉलेज अस्पताल (डीएमसीएच) में भर्ती कराया गया था।

भाभी के साथ बंद कमरे में रंगे हाथ पकड़ा गया देवर, VIDEO में देखिये फिर आगे क्या हुआ

See also  खूंटी पुलिस पर नाबालिग को पीटने का गंभीर आरोप, मानव तस्करी के आरोपी के बेटे को थाने में पीटा

पुलिस ने इस मामले की जांच के बाद 12 अक्टूबर 2019 को कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की. 17 अप्रैल 2020 को एमपी-एमएलए कोर्ट ने इस मामले का संज्ञान लिया और सुनवाई शुरू की। लंबी सुनवाई के बाद 21 फरवरी 2025 को विशेष न्यायाधीश करुणानिधि प्रसाद आर्य की अदालत ने मिश्री लाल यादव और सुरेश यादव को दोषी ठहराते हुए तीन महीने की सजा और 500 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई. भारतीय दंड संहिता (भादवि) की धारा 323 (मारपीट) के तहत यह सजा दी गई।

 

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now