बेतिया:शिक्षा विभाग में तैनात सहायक अभियंता रोशन कुमार पर निगरानी की कार्रवाई में चौंकाने वाली जानकारी मिली है। पांच लाख रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़े जाने के बाद निगरानी टीम ने उसके बंगाली कॉलोनी में किराये के आवास पर देर रात तक सघन तलाशी अभियान चलाया। रात करीब एक बजे तक चली सर्च में टीम को 42 लाख 500 रुपये नगद कैश बरामद हुआ।
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Bihar में शिक्षा विभाग के सहायक अभियंता 5 लाख रुपये घूस लेते गिरफ्तार, निगरानी टीम ने दबोचा
जानकारी के अनुसार, सहायक अभियंता को पांच लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए निगरानी ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद टीम उसको लेकर उसके आवास पर पहुंची, जहां बेड के नीचे और अन्य जगहों तलाशी के दौरान बड़ी रकम, महत्वपूर्ण दस्तावेज और निवेश से जुड़े कागजात मिले।आवास से बरामद 42 लाख 500 रुपये और पहले जब्त पांच लाख रुपये को मिलाकर कुल 47 लाख 500 रुपये की नकदी निगरानी ने अपने कब्जे में ले ली है।
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कई अन्य संवेदकों से भी लिया था कमीशन
लखीसराय के सूर्यगढ़ा के निवासी सहायक अभियंता एक सप्ताह पूर्व अपने घर गया था। संभावना व्यक्त की जा रही है कि पूर्व की वसूली गई राशि को घर पहुंच आया था। उसके आवाज से बरामद 42 लाख 500 महज इस सप्ताह में संवेदकों से बतौर कमीशन लिया था।जानकार बताते हैं कि 31 मार्च से पूर्व सभी बकाया भी पत्रों का भुगतान करना था। ऐसे में अभियंता सभी संवेदकों के विपत्र को निपटने के लिए बतौर 10 प्रतिशत कमीशन ले रहा था। जब कमीशन की राशि इकट्ठा हो रही थी तब उसे पहुंचने के लिए घर जाता था।
सहायक अभियंता की कमीशन खोरी के कारोबार में कई अन्य भी शामिल
कमीशन खोरी के इस धंधे में कुछ अन्य लोगों के संलोप्त होने की भी संभावना है। हालांकि निगरानी की टीम ने इस संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी, लेकिन सूत्रों ने बताया है कि पूछताछ के दौरान सहायक अभियंता ने बताया कि 10 प्रतिशत कमीशन की राशि उसके अकेले की नहीं है। इस राशि में से कई अन्य अधिकारियों को भी वह देता था।कुछ एक जनप्रतिनिधियों की भी हिस्सेदारी थी। योजनाओं का फाइनल भुगतान करने के बाद कमीशन की राशि में बंटवारा होता था।
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सहायक अभियंता की गिरफ्तारी के बाद विभागीय अकाउंटेंट ने बांटी मिठाई
अब आप इसी से अंदाजा लगा सकते हैं कि सहायक अभियंता किस तरह का घूसखोर था, जब निगरानी की उसे 5 लाख नगद और स्मार्ट वॉच के साथ गिरफ्तार कर शिक्षा विभाग के कार्यालय में ले गई और वहां नजर बंद कर पूछताछ होने लगी तो विभाग का एक अकाउंटेंट बाहर आया और वहां मौजूद पत्रकारों समेत कई अन्य लोगों को मिठाई खिलाया। कहां की बहुत बड़े भ्रष्टाचारियों पर कार्रवाई हुई है। उसने भ्रष्टाचार को लेकर शिकायत करने वाले संवेदक के हिम्मत की प्रशंसा की।
नोट गिनने में लगे दो घंटे
निगरानी के हत्या चढ़े सहायक अभियंता के घर से 42 लाख 500 बरामद होने के बाद निगरानी की टीम को उसे गिनने में करीब 2 घंटे लगे, क्योंकि आधी रात हो चुकी थी उसे समय नोट गिरने वाली मशीन मिलने की संभावना नहीं थी। सभी बैंक भी बंद हो चुके थे। ऐसे में निगरानी के टीम में शामिल अधिकारियों ने नोट की गिनती की। सभी नोट 500 के बंडल में थे।तलाशी के दौरान सहायक अभियंता के पास से एक हस्तलिखित कागज भी मिला है जिस पर उसने लिखा है कि किससे कितनी राशि ली गई है और किसके यहां कितना बकाया है।




