नशे का कारोबारी वाराणसी का, ड्रग लाइसेंस झारखंड में और शिकार देश भर के युवा । जी हां गैर चिकित्सिय इस्तेमाल के लिए प्रतिबंधित कोडिन का काला धंधा वाराणसी से लेकर बांग्लादेश तक फैला हुआ है और इसका मास्टर माइंड उत्तर प्रदेश से आकर झारखंड की राजधानी रांची में ना सिर्फ अपना पांव जमाता है बल्कि सौ करोड़ रुपए से अधिक का कोडिन देश के युवाओं के खून में फैला देता है । कोडिन के काले धंधे के इस खिलाड़ी का नाम तो भोला प्रसाद है लेकिन कारनामे इतने काले हैं कि हजारों युवा आज भोला के फैलाए नशे के जाल में फंस जिंदगियां तबाह कर चुके हैं ।
मामले का खुलासे तब हुआ जब पानी सिर से उपर निकल गया । झारखंड के औषधि विभाग की जांच के आधार पर भोला प्रसाद और इसके पूरे गैंग पर एफआईआर दर्ज हो चुकी है । दर्ज तो झारखंड में होना चाहिए था लेकिन उत्तरप्रदेश के वाराणसी के औषधि विभाग ने झारखंड के अधिकारियों के रिपोर्ट के आधार पर वाराणसी में मामला दर्ज करा दिया । शैली ट्रेडर्स नाम झारखंड में दवाओं की दुनिया में बदनाम नाम है । पहले से ही इसके खिलाफ सीआईडी जांच चल रही थी लेकिन सीआईडी की जांच करती रही है और यूपी के योगी सरकार ने एफआईआर दर्ज कर ली । दरअसल मध्यप्रदेश में कफ सिरप से हुई बच्चों की मौतों के बाद पूरे देश में औषधि विभाग अपनी बदनामी से बचने के लिए खास मुहिम चला रही और इसी मुहिम के तहत वाराणसी में एफआईआर दर्ज हुई ।
Alert Seema Praharis of 03 Bn BSF under @BSF_Guwahati frontier foiled a smuggling bid by nefarious elements.
The Codeine based cough syrup was concealed in cemented pillars. Alert Seema Praharis were able to unearth this new modus operandi of anti-social elements and thwart the… https://t.co/z2mynIW1rN pic.twitter.com/1zNcnbeEwo
— BSF (@BSF_India) June 19, 2025
कुल 28 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है जिसमें भोला प्रसाद मुख्य अभियुक्त है और उसका बेटा तुषार अग्रवाल जिसके बारे में बताया जाता है कि वही मास्टर माइंड है का नाम दूसरे नंबर पर है । भोला और तुषार जो कि बाप-बेटे हैं के अलावा नीरज सेठ,महेश कुमार लालवानी,मनोज कुमार यादव,ऋषभ यादव,राजीव यादव,प्रतीक कुमार,धर्मेंद्र कुमार अग्रवाल ,विवेक कुमार खन्ना,अल्पेश पटेल,मुकेश कुमार यादव,युगेंद्र श्रीवास्तव ,बिरेन्द्र लाल वर्मा,दीलीप कुमार,महेश खेतान,दिवेश जायसवाल,विकास सिंह,विनोद केशरवानी,अंकुश सिंह,प्रतीक मिश्रा,विशाल कुमार जायसवाल,नीरज कुमार सिंह,अशोक कुमार सिंह,राहुल यादव,आदर्श पांडेय ,आनंद कुमार जायसवाल को भी अभियुक्त बनाया गया है। ये सभी आरोपी वाराणसी के रहने वाले हैं ।
सभी आरोपियों के खिलाफ स्वापक औधधि और मन: प्रभावी पदार्थ अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है । गौरतलब है कि शैली ट्रेडर्स ने झारखंड में लाइसेंस तो दवा का किया लेकिन धंधा सिर्फ कोडिन का करता था। कोडिन के नशे का कारोबार कई सौ करोड़ रुपए का है जिसके तार सीमा पार तक फैले हैं । हाल में ही सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने करोड़ों रुपए के कोडिन जब्त किए थे । जब्त कोडिन को सीमेंट के खंभे में पैक कर के ले जाया जा रहा था । माना जा रहा है कि जब्त माल भी शैली ट्रेडर्स के गोदाम से निकला था ।
शैली ट्रेडर्स पर शिकंजा कसने के लिए झारखंड के औषधि विभाग ने अप्रैल महीने में ही समिति गठित की थी जिसकी जांच हो रही है, इसी बीच इसी जांच समिति के चिट्ठी के आधार पर मिले सुराग से यूपी के औषधि विभाग ने शैली ट्रेडर्स पर शिकंजा कसते हुए एफआईआर दर्ज करा दी है । गौरतलब है कि बीजेपी ने भी इस मामले में सरकार से जवाब मांगा था क्योंकि सीआईडी जांच में कोई नतीजा नहीं निकल सका था ।




