रांचीः धुर्वा थाना क्षेत्र के मौसी बाड़ी मल्हार कोचा से 2 जनवरी को लापता हुए दो मासूम भाई-बहन अंश (5 वर्ष) और अंशिका (4 वर्ष) की 13 दिनों बाद 14 जनवरी को रामगढ़ जिले के चितरपुर (रजरप्पा थाना क्षेत्र) से सुरक्षित बरामदगी के बाद पुलिस ने जांच को और तेज किया।इस मामले में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। अंश-अंशिका का सौदा बंगाल के बड़े सिंडिकेट के साथ तय था। बच्चा चोरी गिरोह के सदस्यों का कनेक्शन बिहार-यूपी के साथ बंगाल तक खंगाला जा रहा है।बच्चों को बैलून और टॉफी के लालच में अगवा करने वाला दंपति (नभ खेरवार और सोनी कुमारी ऊर्फ सूर्या-सोनम, बिहार के औरंगाबाद निवासी) गिरफ्तार हुआ।उनकी निशानदेही और गहन पूछताछ के आधार पर गुलगुलिया गिरोह के नेटवर्क का खुलासा हुआ, जिसके बाद झारखंड पुलिस ने विभिन्न जिलों में ताबड़तोड़ छापेमारी की।
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गिरोह का नेटवर्क बंगाल-यूपी में भी
पूछताछ में पता चला कि गुलगुलिया गिरोह का मुख्य काम बच्चों को अगवा कर ऊपरी स्तर के सदस्यों (जैसे मिर्जापुर गैंग से जुड़े लोगों) तक पहुंचाना है। इसके बदले वे पैसे लेते हैं, जबकि ऊपरी स्तर वाले बच्चों को सुरक्षित ठिकानों पर ले जाकर बेचते हैं या अन्य अपराधों में इस्तेमाल करते हैं। अंश और अंशिका को सिंडिकेट के माध्यम से 5-5 लाख रुपये में बेचने की तैयारी थी।गिरोह के तार झारखंड के अलावा बंगाल (कोटशिला, पुरुलिया), बिहार, उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से जुड़े हैं। जांच में संकेत मिल रहे हैं कि यह नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय स्तर तक फैला हो सकता है, जहां बच्चे मानव तस्करी के बड़े रैकेट में शामिल होते हैं।
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पुलिस की कार्रवाई और हिरासत
रांची (सिल्ली थाना क्षेत्र सहित), मुरी, कोटशिला (पुरुलिया), लातेहार, चंदवा और अन्य क्षेत्रों में छापेमारी के बाद गुलगुलिया गिरोह के 30 से अधिक सदस्यों को विभिन्न स्थानों से हिरासत में लिया गया है। सभी को रांची के विभिन्न ठिकानों और गुप्त स्थानों पर रखकर पूछताछ जारी है। इससे पहले 14 जनवरी को बच्चों की बरामदगी के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पुलिस की सराहना की थी और कहा था कि जांच यहीं नहीं रुकेगी, संगठित गिरोहों की कमर तोड़ी जाएगी। डीजीपी और सीआईडी एडीजी ने भी अन्य गिरोह सदस्यों की तलाश तेज करने की बात कही थी।
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वहीं,रांची के ओरमांझी थाना क्षेत्र स्थित शंकर घाट, सिलदिरी निवासी 12 वर्षीय कन्हैया कुमार बीते 60 दिनों से लापता है। कन्हैया मामले में रांची पुलिस की एसआईटी ने सिल्ली के टुटकी गांव से दो गुलगुलिया को हिरासत में लिया है। उनसे पूछताछ हो रही है। उधर, अंश और अंशिका के मामले में गिरफ्तार नभ खेरवार और उसकी पत्नी सोनी कुमारी से भी एसआईटी लगातार पूछताछ कर रही है।
कन्हैया की गुमशुदगी में मिर्जापुर गैंग का हाथ
झारखंड सहित सात राज्यों में पुलिस की एसआईटी की कार्रवाई में पूर्व में विभिन्न स्थानों से गायब तीन-चार बच्चों के मिलने की सूचना सामने आयी है। सूचनाओं के वेरिफिकेशन में एसआईटी जुटी हुई है। जानकारी मिली है कि कन्हैया की गायब करने में भी यूपी के मिर्जापुर गैंग का हाथ है। पूछताछ के दौरान शरीर में दर्द की शिकायत पर नभ खेरवार को पुलिस इलाज के लिए धुर्वा के अस्पताल ले गयी।
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रांची पुलिस की SIT सिल्ली थाना अंतर्गत टुटकी, रामगढ़, लोहरदगा, गुमला, पलामू के अलावा बिहार के औरंगाबाद, जयपुर, मुंबई, बंगाल और दिल्ली में ह्यूमन ट्रैफिकर की तलाश कर रही है। लापता बच्चों की भी खोजबीन जारी है। धुर्वा से अगवा भाई-बहन अंश-अंशिका के मामले में नभ खेरवार और सोनी कुमार को रांची SIT ने 14 जनवरी को रामगढ़ के चितरपुर से गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों ने खुद को उत्तरप्रदेश के मिर्जापुर गैंग से जुड़े होने की बात पुलिस को बतायी थी। अन्य बच्चों को भी रांची सहित अन्य जगहों से ले जाने की जानकारी पुलिस को दी थी। इसी आधार पर दोनों को रिमांड पर लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।




