राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को घोषणा करते हुए कहा कि अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला से निकलने वाले एक कथित ड्रग तस्करी वाली नाव पर दूसरा घातक सैन्य हमला किया, जिसमें नाव पर सवार तीन पुरुष मारे गए। इस हमले में कोई अमेरिकी सैनिक हताहत नहीं हुआ। ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर पोस्ट करते हुए ड्रग तस्करों को चेतावनी देते हुए कहा, “सावधान हो जाओ- अगर तुम अमेरिकियों को मारने वाले ड्रग्स ले जा रहे हो, तो हम तुम्हारा शिकार करेंगे!”
ट्रंप ने कहा कि यह हमला उनके आदेश पर किया गया और यह दक्षिणी कमांड के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय जल में हुआ। उन्होंने हमले को “काइनेटिक स्ट्राइक” करार दिया, जिसमें वेनेजुएला के “नार्कोटेररिस्ट्स” को निशाना बनाया गया। ट्रंप का कहना है कि नार्कोटेररिस्ट्स अमेरिका के लिए “राष्ट्रीय सुरक्षा, विदेश नीति और महत्वपूर्ण हितों के लिए खतरा” हैं। ट्रंप के शब्दों में, “ये कन्फर्म्ड नार्कोटेररिस्ट्स वेनेजुएला से अवैध नारकोटिक्स (अमेरिकियों को जहर देने वाला घातक हथियार!) लेकर अमेरिका की ओर जा रहे थे।”
यह हमला दो सप्ताह के अंदर दूसरी ऐसी कार्रवाई है। पहले हमले में, 2 सितंबर को अमेरिकी सेना ने एक अन्य कथित ड्रग लदी स्पीडबोट पर हमला किया था, जिसमें 11 लोग मारे गए थे। ट्रंप प्रशासन ने दावा किया था कि वह नाव वेनेजुएला के ट्रेन डे अरागुआ गैंग के सदस्यों द्वारा संचालित थी, जो फेंटानिल जैसे ड्रग्स अमेरिका में तस्करी कर रही थी।
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ड्रग तस्करी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा
ट्रंप प्रशासन ने इन हमलों को ड्रग तस्करी को रोकने के लिए आवश्यक कदम बताया है। जुलाई में ट्रंप ने एक गुप्त आदेश जारी किया था, जिसमें लैटिन अमेरिकी ड्रग कार्टेल्स के खिलाफ सैन्य बल के उपयोग की अनुमति दी गई। प्रशासन ने ट्रेन डे अरागुआ को विदेशी आतंकवादी संगठन घोषित किया है और वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो पर ड्रग तस्करी के आरोप लगाते हुए उनकी गिरफ्तारी के लिए इनाम को 50 मिलियन डॉलर तक बढ़ा दिया।
वाइट हाउस ने कहा कि ये कार्रवाइयां “सशस्त्र संघर्ष के कानूनों” के अनुरूप हैं, क्योंकि ड्रग्स से प्रतिवर्ष 1,00,000 अमेरिकी मौतें हो रही हैं। पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने कहा, “यह हमला एक स्पष्ट संदेश है: अगर तुम हमारे तटों की ओर ड्रग्स तस्करी कर रहे हो, तो अमेरिकी सेना हर उपलब्ध हथियार का इस्तेमाल कर तुम्हें रोक देगी।”
हालांकि, प्रशासन ने नावों पर ड्रग्स की मौजूदगी या चालक दल की पहचान के ठोस सबूत अभी तक सार्वजनिक नहीं किए हैं। पहले हमले के बारे में सीएनएन की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने ब्रीफिंग में स्वीकार किया कि नाव ने एक मोड़ पर दिशा बदल ली थी, जो तत्काल खतरे के दावे पर सवाल उठाता है।
सीनेटरों की नाराजगी: कार्यकारी अधिकार का दुरुपयोग?
इन हमलों पर अमेरिकी सीनेट में दोनों दलों के सांसदों ने असंतोष जताया है। डेमोक्रेटिक सीनेटर जैक रीड (रोड आइलैंड), सशस्त्र सेवा समिति के प्रमुख डेमोक्रेट, ने सोमवार के हमले को “अवैध” करार दिया। उन्होंने कहा, “हमारी सशस्त्र सेनाएं कानून प्रवर्तन एजेंसी नहीं हैं। वे संदिग्ध अपराधियों का पीछा करके बिना मुकदमे के मारने के लिए सशक्त नहीं हैं।” रीड ने प्रशासन से पूर्ण ब्रीफिंग की मांग की, जिसमें हमले का कानूनी आधार, सैन्य संपत्ति और लक्ष्यों की पहचान शामिल हो।
करीब दो दर्जन डेमोक्रेटिक सीनेटरों ने वाइट हाउस को पत्र लिखकर 10 सवाल पूछे, जैसे कि क्या नाव पर वास्तव में ड्रग्स थे, क्या चालक दल ट्रेन डे अरागुआ के सदस्य थे, और कौन सी सैन्य इकाई ने हमला किया। सीनेटर टिम केन (वर्जीनिया) ने कहा, “अगर वे तथ्य नहीं देते, तो हम युद्ध शक्तियों पर प्रस्ताव लाएंगे।”
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रिपब्लिकन पक्ष से कुछ सांसदों ने समर्थन किया, लेकिन आलोचना भी हुई। सीनेटर लिंडसे ग्राहम (साउथ कैरोलिना) ने पहले हमले को “नए शेरिफ का स्वागतयोग्य संकेत” कहा था, लेकिन सीनेटर एडम शिफ (डेमोक्रेट, कैलिफोर्निया) ने सोमवार को सोशल मीडिया पर कहा, “मैं युद्ध घोषित करने की संसद की शक्ति को पुनः प्राप्त करने के लिए प्रस्ताव तैयार कर रहा हूं। ये कानूनहीन हत्याएं हमें जोखिम में डाल रही हैं।” कई कानूनी विशेषज्ञों ने हमलों को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार और समुद्री कानून का उल्लंघन बताया। ट्रिनिटी कॉलेज डबलिन के प्रोफेसर माइकल बेकर ने कहा, “ड्रग तस्करों को ‘नार्कोटेररिस्ट’ कहना उन्हें सैन्य लक्ष्य नहीं बनाता।”
मादुरो का कड़ा जवाब: अमेरिका पर आक्रमण का आरोप
वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने सोमवार को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो को “मौत और युद्ध का स्वामी” कहकर लताड़ा। हाल के घातक हमले और कैरिबियन में अमेरिकी नौसेना के जमावड़े का जिक्र करते हुए मादुरो ने कहा, “काराकास अपनी ‘वैध आत्मरक्षा का अधिकार’ पूरी तरह से प्रयोग करेगा।” उन्होंने अमेरिका पर अपने देश में सत्ता परिवर्तन की कोशिश का आरोप लगाया।
मादुरो ने पहले हमले को “क्रूर अपराध” कहा था। उन्होंने कहा, “अगर अमेरिका को लगता है कि वे ड्रग तस्कर थे, तो उन्हें गिरफ्तार करना चाहिए था, न कि मारना।” वेनेजुएला ने दावा किया कि मारे गए लोग ट्रेन डे अरागुआ के सदस्य नहीं थे और नाव तट की ओर लौट रही थी। वेनेजुएला ने अमेरिकी सैन्य उपस्थिति के जवाब में 284 “युद्ध मोर्चों” पर सेना, पुलिस और नागरिक मिलिशिया तैनात करने की घोषणा की। आंतरिक मंत्री डायोसदादो काबेलो ने कहा, “यह हत्या है, जो नागरिकों के खिलाफ घातक बल का इस्तेमाल है।” वेनेजुएला ने ट्रंप के वीडियो को “एआई से जेनरेटेड” बताया, हालांकि स्थानीय निवासियों ने मृतकों को श्रद्धांजलि दी।
बढ़ते तनाव और क्षेत्रीय प्रभाव
ट्रंप का दूसरा कार्यकाल शुरू होने के बाद से वेनेजुएला पर दबाव बढ़ा है। प्रशासन ने मादुरो को “नार्को-टेररिस्ट” कहा और कैरिबियन में एफ-35 जेट्स सहित भारी सैन्य तैनाती की। विशेषज्ञों का कहना है कि ये कार्रवाइयां ड्रग तस्करी रोकने के बहाने सत्ता परिवर्तन की कोशिश हो सकती हैं। लैटिन अमेरिका में तनाव बढ़ने से क्षेत्रीय स्थिरता प्रभावित हो सकती है। वेनेजुएला के विदेश मंत्री इवान गिल ने कहा, “हम संघर्ष नहीं चाहते, लेकिन आक्रमण का सामना करेंगे।”
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