मैट्रिक परीक्षा में देर से आने पर नहीं मिली एंट्री, छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर दे दी जान

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February 18, 2026

मैट्रिक परीक्षा में देर से आने पर नहीं मिली एंट्री, छात्रा ने ट्रेन के आगे कूदकर दे दी जान

पटनाः बिहार में 17 फरवरी से मैट्रिक की परीक्षा शुरू हुई है। राजधानी पटना में परीक्षा छूट जाने के बाद छात्रा ने एक खौफनाक कदम उठाया है। खरजंबा गांव की 22 साल की मैट्रिक की एक परीक्षार्थी एग्जाम सेंटर पर देर से पहुंची। इसकी वजह से सेंटर के अंदर जाने और परीक्षा देने की अनुमति उसे नहीं दी गई। परीक्षा छूटने से हताश परीक्षार्थी ने ट्रेन के आगे कूद कर जान दे दी।

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रेलवे ट्रैक पर मिली थी डेड बॉडी
परीक्षार्थी की पहचान थाना के खरजंबा ग्रामवासी मंटू यादव की बेटी कोमल कुमारी के रूप में हुई। पुलिस ने पटना-गया रेलखंड स्थित थाना के महाराजचक गांव के पास रेलवे ट्रैक के नजदीक से अज्ञात युवती का शव बरामद किया था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए पीएमसीएच भेज दिया था।युवती के घर में नहीं पाकर और सोशल मीडिया पर ट्रेन से कटे उसके शव को देख परिजनों ने उसकी पहचान की।
परीक्षार्थी की मां ने क्या बताया?
घटना के बारे में थानाध्यक्ष विवेक भारती ने बताया कि मृतका की मां संगीता देवी ने पुलिस को बताया कि कोमल कुमारी इस बार मैट्रिक की परीक्षा दे रही थी। मंगलवार को वह मैट्रिक की परीक्षा देने धनरूआ के बरनी एग्जाम सेंटर पर गई थी।एग्जाम सेंटर पर देर से पहुंचने के कारण उसे सेंटर के अंदर एंट्री नहीं मिला और फिर वह अपने परिजनों के साथ घर लौट आई।इसके बाद वह अपना कपड़ा चेंज की।लेकिन परीक्षा छूट जाने के कारण वह मेंटली डिस्टर्ब हो गई और घर में किसी को कुछ बताए बिना घर से निकल गई। इसके बाद हताशा में वह महाराजचक के पास ट्रेन के आगे छलांग लगाकर खुदकुशी कर ली। संगीता देवी ने बताया कि मंगलवार की शाम उसे एक युवती का डेड बॉडी मिलने की खबर मिली।

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परीक्षा देने से छूटे स्टूडेंट्स कब दे सकेंगे एग्जाम?
मंगलवार को बिहार के 1699 केंद्रों पर 15 लाख से अधिक परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। नकल के आरोप में 5 परीक्षार्थियों को बाहर का रास्ता दिखा दिया गया, जबकि 9 फर्जी छात्रों को सलाखों के पीछे भेजने की तैयारी कर ली गई है। इसके साथ ही पहले दिन जिन परीक्षार्थियों की परीक्षा जाम या अन्य कारणों से छूट गई, उन्हें निराश होने की जरूरत नहीं है।
बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने स्पष्ट किया है कि ऐसे छात्रों के लिए अप्रैल के अंतिम सप्ताह या मई की शुरुआत में विशेष परीक्षा आयोजित की जाएगी। बोर्ड के अध्यक्ष आनंद किशोर ने बताया कि विशेष परीक्षा का परिणाम मई-जून तक घोषित कर दिया जाएगा, ताकि छात्रों का एकेडमिक सेशन प्रभावित न हो।

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