विनय चौबे के खिलाफ ACB चार्जशीट नहीं कर सकी दाखिल, 90 दिन की डेडलाइन हो गई खत्म

Picture of Live Dainik

Live Dainik

August 19, 2025

निलंबित IAS अधिकारी विनय चौबे को बड़ी राहत, ACB कोर्ट ने दी डिफॉल्ट बेल

रांचीः 100 करोड़ रुपये से अधिक के शराब घोटाला मामले में गिरफ्तार निलंबित आईएएस अधिकारी विनय चौबे समेत अन्य के खिलाफ एसीबी 90 दिन की समय सीमा खत्म होने के बाद चार्जशीट दाखिल नहीं कर सकी। आरोपियों के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति का आदेश नहीं मिलने से चार्जशीट दाखिल नहीं की गयी। जानकारी के मुताबिक, एसीबी ने राज्य सरकार से आईएएस विनय कुमार चौबे के साथ-साथ एसीबी के द्वारा गिरफ्तार जेएसबीसीएल के पूर्व वित्त महाप्रबंधक सुधीर कुमार व सुधीर कुमार दास के खिलाफ अभियोजन स्वीकृति मांगी थी। लेकिन सोमवार तक अभियोजन स्वीकृति नहीं मिल पाने के बाद एसीबी ने कोर्ट में चार्जशीट दायर नहीं की।

दही-हांडी प्रतियोगिता में दिखा बुर्का पहना युवक, रांची पुलिस ने भेजा जेल
एजेंसी कोर्ट को देगी जानकारी
जानकारी के मुताबिक एजेंसी अब कोर्ट को यह जानकारी देगी। साथ ही केस में अनुसंधान पूरा नहीं हो पाने की वजह से भी सोमवार को एसीबी चार्जशीट दायर नहीं कर पायी। गौरतलब है कि एसीबी ने शराब घोटाले में पूर्व उत्पाद सचिव व जेएसबीसीएल के प्रबंध निदेशक रहे विनय चौबे को 20 मई को एफआईआर दर्ज किए जाने के बाद गिरफ्तार किया था। केस में सरकारी पदाधिकारियों के अलावे राज्य में कार्यरत प्लेसमेंट एजेंसियों से जुड़े निदेशक व उनके स्थानीय प्रतिनिधियों की भी गिरफ्तारी एसीबी ने की है।

See also  धनबाद के निरसा में आयकर छापेमारी, शराब कंपनी अंकुर बायोकेम में IT की रेड

हेमंत सोरेन ने दिशोम गुरु के अस्थि विजर्सन के बाद नेमरा छोड़ रांची रवाना, पूरे परिवार के साथ खिंचवाई फोटो
गजेंद्र सिंह को मिल चुकी है जमानत
शराब घोटाले में वर्तमान में विनय कुमार चौबे समेत 10 आरोपी जेल में बंद है। 20 मई को एसीबी ने विनय चौबे और उत्पाद विभाग के संयुक्त आयुक्त गजेंद्र सिंह को गिरफ्तार किया था। 21 मई को जेएसबीसीएल के वित्त महाप्रबंधक सुधीर कुमार दास और पूर्व महाप्रबंधक सुधीर कुमार की गिरफ्तारी हुई थी। गजेंद्र सिंह को जमानत मिल चुकी है। इसके चलते मंगलवार, 19 अगस्त तक सिर्फ विनय कुमार चौबे ही डिफॉल्ट बेल के पात्र हैं। हालांकि वह हजारीबाग से जुड़े जमीन घोटाले में भी आरोपी हैं। अगर मंगलवार को भी चार्जशीट दाखिल नहीं की जाती है तो ऐसे में 21 मई को गिरफ्तार अन्य आरोपी भी डिफॉल्ट बेल के पात्र हो जाएंगे।

अमन साहू गैंग की करतूत, पिपरवार रेलवे साइडिंग पर की फायरिंग, कोयला परिवहन को रोका
विनय चौबे बने डिफॉल्ट बेल के पात्र
जेल में बंद वरीय आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे अब डिफॉल्ट बेल के पात्र हो गए है। मंगलवार को उनकी ओर से क्या कदम उठाया जाता है, इस पर सबकी नजर रहेगी। एसीबी टीम ने वरीय आईएएस अधिकारी विनय कुमार चौबे को 20 मई को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। 18 अगस्त को उनकी गिरफ्तारी के 91 दिन पूरा हो गया है। किसी भी मामले में आरोपी को जेल में रहते जांच अधिकारी को 60 या 90 दिनों में जांच पूरी करते हुए चार्जशीट दाखिल करनी होती है। शराब घोटाले में जांच पूरी करने की समय सीमा 90 दिन थी। कारण आरोपियों के खिलाफ भादवि की अन्य धाराओं के साथ धारा 467 और 409 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
इस धारा के तहत अधिकतम सजा आजीवन कारावास या 10 वर्ष तक सजा की है। अपराध की सजा 10 साल या अधिक है तो ऐसे मामले में 90 दिन के भीतर चार्जशीट दाखिल करनी होती है। जो शराब घोटाले में लागू हो रही है। एक भी देर होने पर जेल में बंद आरोपी डिफॉल्ट बेल का हकदार हो जाता है। उन पर आबकारी विभाग में षड्यंत्र रचने, फर्जी बैंक कागजात तैयार करने, पद और हैसियत का दुरुपयोग कर अवैध लाभ अर्जित करने तथा सरकारी राजस्व को भारी नुकसान पहुंचाने का आरोप है। मामले में 10 आरोपी जेल में हैं।

See also  झारखंड शराब घोटाला को लेकर बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को लिखी चिट्ठी, ACB की जगह CBI से जांच कराने की मांग
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now