बिहार के बेगूसराय में दारोगा का जिससे था जमीन का विवाद, झारखंड के खूंटी में झूठे केस में बना दिया अभियुक्त

Picture of Live Dainik

Live Dainik

November 2, 2025

बिहार के बेगूसराय में दारोगा का जिससे था जमीन का विवाद, झारखंड के खूंटी में झूठे केस में बना दिया अभियुक्त

डेस्कः झारखंड पुलिस में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है। खूंटी के सायको थाना में तैनात दारोगा रामसुधार सिंह ने वर्दी का दुरुपयोग कर अपने जमीन विवाद के तीन दशक पुराने मामले में विरोधी को फंसाने की कोशिश की है। दारोगा ने बिहार के बेगूसराय के रहने वाले अमरेंद्र कुमार को अवैध अफीम की खेती के मामले में झूठा अभियुक्ति बना दिया। डीजीपी के निर्देश पर हुई जांच में सच सामने आ गया। इसके बाद खूंटी के एसपी मनीष टोप्पो ने दारोगा रामसुधार सिंह को निलंबित कर दिया है। दारोगा के खिलाफ विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई भी शुरु कर दी गयी है। वहीं एनडीपीएस मामले की जांच से रामसुधार सिंह को हटा दिया गया है। अब इस केस की जांच की जिम्मेदारी दारोगा प्रभात रंजन पांडेय को सौंपी गयी है।

प्रेमिका के साथ रंगे हाथ पकड़े गए CO, पत्नी ने बंद किया घर का दरवाजा, खूब हुआ ड्रामा, छत से कूदकर भागना पड़ा
सायको थाना में 20 फरवरी 2025 को एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला कांड संख्या 13 /25 दर्ज किया गया था। इस केस में मुख्य अभियुक्त लाखा पाहन को गिरफ्तार किया गया था। केस के अनुसंधानकर्ता दारोगा रामसुधार सिंह ने लाखा पाहन के कथित बयान के आधार पर रिपोर्ट तैयार की, जिसमें यह दिखाया गया कि अमरेंद्र कुमार ने जिलिंगकेला में अफीम की खेती के लिए लाखा पाहन को 25 हजार रुपये दिये थे। जांच में यह दावा पूरी तरह गलत साबित हुआ।

See also  झारखंड में कुड़मी समाज का रेल रोको आंदोलन आज, 100 स्टेशनों को जाम करने की तैयारी

अनंत सिंह गिरफ्तार, मोकामा में दुलालचंद हत्याकांड में पुलिस ने देर रात किया अरेस्ट
डीएसपी की जांच रिपोर्ट में पाया गया कि अमरेंद्र कभी खूंटी नहीं गया था और न ही लाखा पाहन कभी बेगूसराय आया था। दोनों के बीच फोन पर भी कोई बातचीत नहीं हुई थी, इसके बावजूद रामसुधार सिंह ने वर्षो पुराना जमीन विवाद में जानबूझकर अमरेंद्र को मामले में मुख्य अभियुक्त बना दिया।

बिहार में किसकी बनेगी सरकार, आ गया सबसे ताजा सर्वे; देखें किस पार्टी को मिली कितनी सीटें
यह है मामला
रामसुधार सिंह और अमरेंद्र कुमार दोनों बेगूसराय जिले के बलिया थाना अंतर्गत शाहपुर गांव के निवासी है। अमरेंद्र के पिता कौशल किशोर सिंह और रामसुधार सिंह के परिवार के बीच 1996 से जमीन विवाद चल रहा था। वर्ष 2018 में कौशल किशोर ने रामसुधार सिंह औश्र उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ केस दर्ज कराया था। इसी पुरानी रंजिश के कारण दारोगा ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए अमरेंद्र को अफीम की खेती के मामले में फंसाने की योजना बनायी। वहीं, एनडीपीएस मामले की जांच से रामसुधार सिंह को हटा दिया गया है। अब इस केस की जांच की जिम्मेदारी दारोगा प्रभात रंजन पांडेय को सौंपी गयी है। जांच रिपोर्ट में यह साबित होने के बाद कि दारोगा ने निजी दुश्मनी के चलते गलत प्राथमिकी दर्ज करायी।

See also  डिप्टी कमिश्नर ने भतीजी के साथ की लव मैरिज, लड़की बोली-10 साल से करते थे प्यार इसलिए कर ली शादी
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now