4 साल के बेटे का शव थैले में ले गया बेबस पिता, झारखंड के चाईबासा में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना आई सामने

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December 20, 2025

4 साल के बेटे का शव थैले में ले गया बेबस पिता, झारखंड के चाईबासा में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना आई सामने

चाईबासाः नोवामुंडी प्रखंड के बड़ा बालजोड़ो गांव के रहने वाले डिंबा चतोंबा के साथ एक ऐसी घटना हुई जिसने मानवता को शर्मसार कर दिया। चाईबासा सदर अस्पताल में बेटे की मौत होने के बाद पिता पथराई आंखों के साथ बेटे के शव को एक थैले में भरकर घर ले जाने को मजबूर हो गया। कांपते हाथों और दिल में दर्द लिये डिंबा चतोंबा अपने बेटे के शव को बिना शव वाहन के ही घर ले गया। उसकी जेब में महज 100 रुपए थे उसने 20 रुपए का उसने थैला खरीदा और बेटे के शव को हाथ में लिया रवाना हो गया।

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बताया जाता है कि दो दिन पहले डिंबा का इकलौता बेटा अचानक बीमार पड़ा। परिवार उसे चाईबासा सदर अस्पताल लेकर आ गया। शुक्रवार दोपहर बच्चे की सांसे थम गई। बेटे की मौत के बाद जो हुआ, उसने व्यवस्था की संवेदनहीनता को बेनकाब कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने शव को घर ले जाने को कहा, लेकिन न एंबुलेंस मिली, न शव वाहन। बेहद गरीब डिंबा चतोंबा के पास न तो साधन थे और न ही पैसे। जेब में 100 रुपये मौजूद थे उसमें से 20 रुपये का थैला खरीदा और अपने लाडले बेटे का शव उसमें रख दिया। बाकी बचे पैसे से बस का किराया दिया चाईबासा से नोवामुंडी तक शव लेकर बस में सफर किया। वहां से वह पैदल चलते हुए अपने गांव बड़ा बालजोड़ी पहुंचा।

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मीडिया में खबरें आने के बाद राज्य के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने इस मामले की जांच कराने का आदेश दे दिया है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट करते हुए लिखा कि चाईबासा से जुड़ी एक घटना कुछ तथाकथित मीडिया माध्यमों में दिखाई गई है, जिसमें एक परिवार के बच्चों को झोले में ले जाने का दृश्य दिखाया गया। यह मामला मेरे संज्ञान में आते ही मैंने तत्काल संज्ञान लिया है। संबंधित प्राधिकारी के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है तथा सिविल सर्जन से इस पूरे मामले पर विस्तृत और तथ्यात्मक जवाब तलब किया गया है।
मैं स्पष्ट करना चाहता हूं कि स्वास्थ्य विभाग में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
लेकिन इसके साथ-साथ यह भी गंभीर चिंता का विषय है कि चाईबासा और पलामू जैसे जिलों में आए दिन इस तरह की नकारात्मक और भ्रामक खबरें लगातार फैलाई जा रही हैं। इससे न केवल सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है, बल्कि ईमानदारी से काम कर रहे डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का मनोबल भी तोड़ा जा रहा है।
चाईबासा जैसे दुर्गम क्षेत्रों में डॉक्टर पहले ही जाना नहीं चाहते, और इस प्रकार का नकारात्मक माहौल स्थिति को और कठिन बना देता है। मैं जनता और मीडिया से अपील करता हूं कि यदि कहीं खामियां हैं तो उन्हें सीधे हमारे संज्ञान में लाया जाए। जांच होगी, सुधार होगा और दोषियों पर कार्रवाई भी होगी। लेकिन बिना पूरी जांच के किसी डॉक्टर या पूरे विभाग की छवि को मीडिया ट्रायल के जरिए खराब करना उचित नहीं है।
साथ ही यह भी जांच का विषय है कि कहीं संगठित रूप से कुछ राजनीतिक और वैचारिक ताकतें सरकार और स्वास्थ्य विभाग की छवि को जानबूझकर धूमिल करने का प्रयास तो नहीं कर रही हैं। इस तरह की साजिशों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
हमारी सरकार जनता के स्वास्थ्य, सम्मान और व्यवस्था सुधार के लिए पूरी प्रतिबद्धता से काम कर रही है। सच सामने आएगा और न्याय होगा—यह मैं विश्वास दिलाता हूं।

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