डेस्कः असम के जोरहाट में शनिवार को भारतीय वायुसेना (IAF) का विमान AN-32 हादसे का शिकार हो गया। इस घटना में वायुसेना के 5 जवान शहीद हो गए। ये हादसा तब हुआ जब विमान लैंड करने की कोशिश कर रहा था। IAF के मुताबिक, को-पायलट का इलाज चल रहा है।वायुसेना ने क्रैश की वजह का पता लगाने के लिए कोर्ट ऑफ़ इन्क्वायरी के आदेश दिए हैं। AN-32 विमान दुर्घटना में बिहार के भोजपुर जिला स्थित कोईलवर प्रखंड के अग्निवीरवायु दानिश आलम वीरगति को प्राप्त हो गए।हादसे की सूचना मिलते ही गांव और परिवार में शोक की लहर दौड़ गई।

इस हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शहीद हो गए। भारतीय वायुसेना ने कहा कि ड्यूटी के दौरान इन जवानों ने सर्वोच्च बलिदान दिया है। 22 वर्षीय दानिश आलम, मोहम्मद फारूक आलम और अख्तरी बेगम के इकलौते पुत्र थे। उनके पिता गीधा औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं।
बचपन से ही देश सेवा का था सपना
परिवार में दो बड़ी बहनें शगुफ्ता परवीन और गजाला परवीन हैं, जिनमें एक की शादी हो चुकी है। स्वजनों ने बताया कि दानिश का बचपन से ही सैनिक बनकर देश सेवा करने का सपना था।अग्निवीरवायु में चयन के बाद उन्होंने 29 जून 2025 को बिहटा एयर फोर्स स्टेशन में योगदान दिया था। इसके बाद तीन जुलाई को प्रशिक्षण के लिए बेलगांव (कर्नाटक) भेजे गए थे। पिछले वर्ष अक्टूबर से वे जोरहाट में तैनात थे।परिवार के अनुसार, दानिश 23 मई को छुट्टी लेकर घर आए थे और 30 मई को वापस ड्यूटी पर लौट गए थे। अब उनके शहीद होने की खबर से पूरा परिवार सदमे में है।
30 मई को ही ड्यूटी पर लौटे थे दानिश
भारतीय वायु सेना की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, हादसे में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा और अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत भी वीरगति को प्राप्त हुए हैं।दानिश की शहादत की खबर मिलते ही कायमनगर गांव में मातम पसरा हुआ है। गांव के लोग और रिश्तेदार लगातार उनके घर पहुंचकर परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं।
यह एयरक्राफ्ट AN-32 कार्गो प्लेन था, जिसका इस्तेमाल सामान पहुंचाने के लिए किया जाता था। यह हादसा तब हुआ जब एयरक्राफ्ट एयरबेस पर लैंड करने की कोशिश कर रहा था। IAF ने कहा कि घटना स्थल पर बचाव और जांच का काम चल रहा है।जोरहाट एयर फोर्स स्टेशन पूर्वोत्तर में भारतीय वायु सेना के प्रमुख ठिकानों में से एक है। ये असम और इस पूरे क्षेत्र में हवाई अभियानों में अहम भूमिका निभाता है।


