रांचीः झारखंड के एक हैवीवेट सांसद जो अपने बयानों से हमेशा चर्चा में बने रहना चाहते है उनके एक कारनामे की चर्चा खूब हो रही है। जिस तरह गुपचुप तरीके से उन्होंने अपने उद्योगपति मित्र के साथ मिलकर 7 स्टार होटल का भूमि पूजन किया है उसको लेकर कानाफूसी शुरू हो गई है। बहुत कोशिश के बाद भी इस मामले को दबाने में वो असफल नजर आ रहे है।
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दरअसल, होली के अगले दिन 5 मार्च को ये बयानवीर सांसद चार्टर प्लेन से एक बड़े होटल ग्रुप संभवतः ताज ग्रुप के बड़े अधिकारियों के साथ दिल्ली से झारखंड पहुंचे। दिल्ली में उनके आवास पर होली में बड़ा कार्यक्रम हुआ था बड़े-बड़े नेता और सिनेमा स्टार उनके घर पर होली खेलने पहुंचे थे। दिल्ली से लेकर बिहार-झारखंड तक सभी लोग होली के अगले दिन खुमारी में डूबे हुए थे। इसी बीच सांसद ने इसका फायदा उठाया किसी को कानो-कान खबर नहीं हुई और सांसद झारखंड पहुंचे और बड़े होटल ग्रुप के अधिकारियों के साथ देवघर से सटे इलाके में पहुंच गए जहां उनके होटल का भूमि पूजन होना था।
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बिहार-झारखंड के इस हैवीवेट सांसद ने अपने कारोबार के लिए देवघर जिले से सटे बांका जिला जो बिहार में आता है उसे चुना। इस कार्यक्रम को लेकर गोपनीयता इतनी बरती गई कि एक तस्वीर भी बाहर नहीं आ सके। इसी सांसद का भागलपुर जिले में भी एक मॉल है अब वो अपने कारोबार को और आगे बढ़ाना चाह रहे है। उद्योगपतियों के चहेते इस सांसद के दिल में बिहार-झारखंड के सबसे बड़े होटल की तमन्ना जागी और उसके होटल कारोबार के एक बड़े ग्रुप के साथ मिलकर 7 स्टार होटल की नींव डाल दी।अपने पत्नी और बच्चों के साथ गुपचुप तरीके से भूमि पूजन करने को लेकर कई बातें कहीं जा रही है। झारखंड के बाहर बिहार में कारोबार को बढ़ाने के पीछे वर्तमान में राज्य के प्रमुख से उनकी अदावत को माना जा रहा है। कहा तो ये भी जा रहा है कि जिस तरह से राज्य के प्रमुख को लेकर मीडिया के सहारे उन्होंने कई प्रोपेगेंडा चलाया उससे उन्हें झारखंड के बाहर अपने पैर पसारने को मजबूर होना पड़ा है।
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बिहार-झारखंड में कई ऐसे सांसद है जो अलग-अलग कारोबार का संचालन करने है लेकिन इसमें से ज्यादातर पब्लिक डोमेन में है। लेकिन इस बड़बोले सांसद ने होटल कारोबार में अपने कदम डालने की खबर को पूरी तौर पर गोपनीय बनाये रखा। चार्टर प्लेन से झारखंड आने और उसके बाद बिहार में 7 स्टार होटल के भूमि पूजन करने के बाद ये वापस दिल्ली लौट गए। इस दौरान न तो वो अपने कार्यकर्ताओं से मिले न ही करीबियों से। सांसद ने अपने कई करीबियों को भी इसकी भनक तक नहीं लगने दी। जब ये मामला छनते हुए बाहर निकला तो खुद को सांसद का करीबी समझने वाले कई लोगों का भ्रम टूट गया। सांसद द्वारा इस मामले में बरती जा रही गोपनीयता को लेकर कानाफूसी शुरू हो गई और बात छुपाने के कई मायने निकाले जाने लगे। अपनी संपत्ति और संबंधों को खुलेआम जगजाहिर करने वाले इस सांसद ने 7 स्टार होटल खोलने की प्लानिंग क्यों छुपाई उसको लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई है। हमारे पास भी ये बातें छनती हुई पहुंची तो हमने इसको लेकर छानबीन शुरू की तो सांसद के करीबियों में खलबली मच गई। सांसद के 7 स्टार होटल खोलने में गोपनीयता बरते जाने के पीछे क्या राज है ये अबतक पता नहीं चल पाया है। हालांकि ये लेख भी उस कानाफूसी का प्रेरित है जो उस सांसद के संसदीय क्षेत्र में लोग एक दूसरे से चुपके-चुपके साझा कर रहे है। लाइव दैनिक के पास इससे संबंधित कोई कागजी प्रमाण नहीं है लेकिन सांसद के करीबियों के बीच से जो बातें निकलकर आई वो हमने अपने पाठकों के साथ साझा की है, लाइव दैनिक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं करता है।




