डेस्कः पाकुड़ में आइटीडीए में 13 करोड़ की फर्जी निकासी मामले की जांच सीआईडी द्वारा शुरू की गई है। सीआईडी की चार सदस्यीय टीम ने गुरुवार को पाकुड़ पहुंचकर नजारत में दो और आइटीडीए परियोजना निदेशक से दो सदस्यों ने पूछताछ की।
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DSP रविंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में CID की टीम पाकुड़ पहुंची और घोटाले से जुड़े तमाम दस्तावेजों, फाइलों और वित्तीय लेन-देन की बारीकी से जांच की जा रही है। पाकुड़ जिला कल्याण कार्यालय के बैंक खाते से फर्जी एडवाइस के जरिए 12 करोड़ 38 लाख 66 हजार 600 रुपये की अवैध निकासी के मामले की जांच के लिए सीआईडी की टीम छानबीन कर रही है।
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कल्याण पदाधिकारी और नाज़िर से कई घंटों तक गहन पूछताछ
जांच के दौरान जिला कल्याण पदाधिकारी और नाज़िर से कई घंटों तक गहन पूछताछ की गई।सूत्रों की मानें तो पूछताछ के दौरान बैंक ट्रांजेक्शन, भुगतान से जुड़े कागजात और फंड के उपयोग को लेकर कई अहम सवाल पूछे गए है। CID यह भी जांच कर रही है कि राशि किन मदों में निकाली गई और उसका वास्तविक उपयोग हुआ या नहीं।
दोषी के खिलाफ होगी सख्त कार्रवाई
CID अधिकारियों का साफ कहना है कि इस मामले में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जांच का दायरा लगातार बढ़ाया जा रहा है और आने वाले दिनों में और भी अधिकारियों व कर्मचारियों से पूछताछ की संभावना है।फिलहाल, इस कार्रवाई के बाद कल्याण विभाग में हड़कंप मचा हुआ है।अब सबकी नजर CID की जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे यह साफ हो सकेगा कि इस 12 करोड़ रुपये के घोटाले में आखिर कौन-कौन CID के रडार पर आता है।




