लोहरदगा : अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार शनिवार को लोहरदगा जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वधान में जिला अध्यक्ष सुखैर भगत के नेतृत्व में देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की इस्तीफा की मांग को लेकर विरोध मार्च करते हुए काला दिवस मनाया गया । इस कार्यक्रम में शामिल हुए सभी कांग्रेसी कार्यकर्ता महिला पुरुष विरोध स्वरूप काला वस्त्र धारण किए हुए थे।


यह कार्यक्रम लोकतंत्र संविधान एवं देश की चुनावी व्यवस्था की निष्पक्षता एवं अखंडता की रक्षा के लिए भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा चलाए जा रहे संघर्ष का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
कार्यक्रम का शुरुआत शहर के मैना बगीचा स्थित वीर बुद्धू भगत की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर विरोध मार्च करते हुए उपायुक्त कार्यालय के समक्ष पहुंचकर बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर के प्रतिमा पर माल्यार्पण किया गया। तत्पश्चात हजारों की संख्या में पहुंचे कांग्रेसी कार्यकर्ताओं के द्वारा देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गृह मंत्री अमित शाह एवं मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई।

इस मौके पर जिला अध्यक्ष सुखैर भगत ने अपने संबोधन में कहा कि भारत का लोकतंत्र दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है इस लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत हमारा वोट है गरीब हो या अमीर किसान हो या मजदूर आदिवासी हो या दलित हिंदू हो या मुसलमान संविधान में सभी को एक समान अधिकार दिया है लेकिन आज सवाल उठ रहा है कि क्या देश का चुनाव आयोग इस अधिकार की निष्पक्ष रूप से रक्षा कर रहा है जब मतदाता सूची पर सवाल उठे जब वोटर लिस्ट में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पर गंभीर संदेह पैदा हो तब देश के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को जवाब देना ही होगा। आज देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की भूमिका रही है ऐसे में जब चुनाव आयोग के कामकाज पर पक्षपात के आरोप लगते हैं तो कहीं ना कहीं प्रधानमंत्री और गृह मंत्री भी इसके के लिए जिम्मेवार हैं।कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मांग है की ज्ञानेश कुमार को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए और मतदाता सूची में कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।

इस मौके पर प्रदेश प्रतिनिधि नेसार अहमद ने भी अपने विचार रखते हुए कहा कि वोट की चोरी के आरोपों, चुनाव आयोग की निष्पक्षता और सट्टा की कथित मिलीभगत के खिलाफ यह आवाज है, आज हमें ऐसे सवाल को लेकर खड़े हैं जिसका संबंध केवल कांग्रेस पार्टी से नहीं बल्कि देश के प्रत्येक नागरिक के भविष्य से है सवाल यह है कि भारत का चुनाव आयोग स्वतंत्र है या नहीं क्या देश के प्रत्येक नागरिक का वोट सुरक्षित है या नहीं और क्या सत्ता में बैठी सरकार से असहमति रखने वाले नागरिकों का भी समान लोकतांत्रिक अधिकार मिल रहा है या नहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी और गृह मंत्री अमित शाह जी को यह समझना होगा कि भारत का लोकतंत्र किसी एक पार्टी की जागीर नहीं है यह लोकतंत्र करोड़ भारतीयों के संघर्ष बलिदान और संविधान निर्माताओं की दूरदर्शिता से बना है। आज मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यशैली से पूरे देशवासियों में एक भारी आक्रोश है आखिरकार मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को अपना इस्तीफा देना ही होगा।

इस मौके पर युवा कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय सचिव अभिनव सिद्धार्थ ने कहा कि चुनाव आयोग किसी राजनीतिक दल का नहीं बल्कि भारत के संविधान का संस्थान है मुख्य चुनाव आयुक्त किसी सरकार के प्रति नहीं बल्कि संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति जवाबदेह इसलिए चुनाव आयोग का काम केवल सत्ता में बैठी पार्टी को संतुष्ट करना नहीं है क्या चुनाव आयोग की जिम्मेदारी केवल सरकार के पक्ष में फैसला लेना है ऐसा बिल्कुल भी नहीं है हम यह मांग करते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह की भूमिका सहित सभी संबंधित तथ्यों की निष्पक्ष जांच हो अगर किसी भी स्तर पर राजनीतिक हस्तक्षेप या मिली भगत के प्रमाण मिलते हैं तो जिम्मेदार लोगों के विरोध संवैधानिक कार्रवाई की जानी चाहिए।

विरोध मार्च में जिला कांग्रेस कमिटी के पदाधिकारी, वरिष्ठ कार्यकर्ता, प्रखण्ड पदाधिकारी एवं बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे। विशेष रूप से मोहन दुबे, शाहिद अहमद, साजिद अहमद, अलोक साहू, पवन गौतम, प्रदीप विश्वकर्मा, सलीम अंसारी, प्रकाश उराँव, संदीप गुप्ता, मोज्जमील अंसारी, संतोष महतो, सदरुल अंसारी, मुस्ताक अहमद, रविंद्र सिंह खेरवार, निशीथ जसवाल, विशाल डूंगड़ूँग, संतोषी उराँव, प्रवेज सिद्दीकी, सोनू कुरैशी, अनीमा कुजूर, राजू कुरैशी, सानियरों उराँव, तनवीर गौहर, सत्यदेव भगत, यूनुस अंसारी, अनीश अहमद, दानिश अली, आरिफ हुसैन, संगीता उराँव, मुनीम अंसारी, किशोर साहू, हामीद अंसारी, राजेश लाल, रुस्तम अंसारी, संतोष उराँव, तारिक अनवर, हामिद अंसारी, कमरुल इस्लाम, जफ़र इमाम, जगमनी उराँव, संजू तुरी, अनीता लकड़ा, मो इकबाल, नेहाल अहमद, जुबैर अंसारी, मोजाहिर अंसारी, अब्बू रेहान, रशीद अंसारी, शेख सादिक, हसबूल खान, राजमनी उराँव, अनुपा लकड़ा,नईम अंसारी, मनोरंजन उराँव, जयारुल अंसारी, चंदर उराँव, मुनिया मिंज, इलयास अंसारी, सहित पंचायत अध्यक्ष एवं हजारों की संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

प्रदर्शन, विरोध मार्च के दौरान खूब नारे लगे –
वोट की चोरी बंद करो — लोकतंत्र की रक्षा करो!
वोट हमारा — अधिकार हमारा!
जनता के वोट का — सम्मान करो!
वोट की रखवाली — जिम्मेदारी निभाओ!
निर्वाचन आयोग — जवाब दो, जवाब दो!
CEC ज्ञानेश कुमार — इस्तीफा दो, इस्तीफा दो!
वोट के अधिकार से — खिलवाड़ बंद करो!
लोकतंत्र बचाना है — वोट बचाना है!
एक-एक वोट की रखवाली — जनता की जिम्मेदारी!
पारदर्शी चुनाव कराओ — लोकतंत्र मजबूत बनाओ!








