डेस्कः झारखंड का प्रतिष्ठित नेतरहाट आवासीय विद्यालय जिसे आईएएस-आईपीएस की फैक्ट्री कहा जाता रहा है वो एक बार फिर से विवाद और चर्चा में है। इस बार ताजा विवाद प्राचार्य की कुर्सी को लेकर छिड़ी जंग की वजह से है। स्कूल में अभी दो-दो प्राचार्य कुर्सी पर डटे हैं।दोनों अलग-अलग आदेश-निर्देश जारी कर रहे हैं। इसका असर संस्थान के शैक्षणिक वातावरण पर पड़ रहा है। इससे स्कूल के शिक्षक, कर्मचारी और छात्र असमंजस में हैं कि किसका आदेश मानें, किसका नहीं।
दरअसल स्कूल की एडहॉक कमेटी के सभापति राजकुमार ने 5 अगस्त 2026 को प्राचार्य संतोष कुमार को सस्पेंड कर दिया। उनकी जगह कंप्यूटर साइंस के विभागाध्यक्ष रवि रंजन को प्रभारी प्राचार्य बना दिया। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश कुमार ने 18 अगस्त को एडहॉक कमेटी के फैसले को खारिज करते हुए यथास्थिति बहाल करने का आदेश दिया। इसके बाद ही ऐसी स्थिति बन गई।

ऐसे एक-दूसरे का आदेश काट रहे
संतोष कुमार : प्रिंसिपल संतोष कुमार ने मौसम को देखते हुए 18 अगस्त को प्रात:कालीन सम्मेलन और दो पाठ स्थगित करने का आदेश जारी किया। सभी को इसकी सूचना देने को कहा ।
रवि रंजन : प्रभारी प्रिंसिपल राजीव रंजन ने 27 मिनट बाद आदेश जारी किया कि सम्मेलन समय पर होगा। छात्र बरसाती-छाता का प्रयोग करते हुए सम्मेलन में आएंगे। सभी साथी को सूचित कर दें।

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हाईकोर्ट के निर्देश पर बनी थी एडहॉक कमेटी: स्कूल के पुराने छात्र केदार नाथ लालदास ने स्कूल में अनियमितता और वित्तीय गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए झारखंड हाईकोर्ट में जनहित याचिका संख्या 4052/25 दायर की थी।
इस याचिका पर सुनवाई करते हुए 11 दिसंबर 2025 को तत्कालीन चीफ जस्टिस तरलोक सिंह चौहान और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने स्कूल में सुधार को लेकर अंतरिम एडहॉक कमेटी बनाने का आदेश दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि यह एडहॉक कमेटी नेतरहाट स्कूल समिति की नई कमेटी बनने तक स्कूल का संचालन करेगी।
आदेश न मानने का आरोप लगाकर संतोष को किया सस्पेंड: एडहॉक कमेटी के सभापति राजकुमार ने 5 अगस्त को प्राचार्य संतोष कुमार के निलंबन और रवि रंजन को प्राचार्य का प्रभार देने का आदेश जारी किया। इसमें बताया गया कि सभापति के बार-बार निर्देश देने के बाद भी संतोष कुमार कोई स्पष्टीकरण या जवाब नहीं दे रहे। अन्य आदेशों का भी अनुपालन नहीं कर रहे। ऐसे में स्कूल की गरिमा, गौरव और अनुशासन को पुनर्स्थापित करने के लिए संतोष कुमार को सस्पेंड किया जाता है।
बैठक को अवैध बताकर निदेशक ने रद्द किया कमेटी का निर्णय: प्राचार्य के निलंबन के बाद माध्यमिक शिक्षा निदेशक राजेश कुमार ने 18 अगस्त को एडहॉक कमेटी के फैसले को रद्द कर दिया। आदेश में कहा गया कि 16 अप्रैल को कोर्ट के अंतरिम आदेश के अनुपालन में एडहॉक कार्यसमिति की दो मई को बैठक हुई।
क्या कहते हैं जिम्मेदार
संभवत: रवि रंजन को जानकारी दी थी
माध्यमिक शिक्षा निदेशक द्वारा पूर्ववत स्थिति बहाल रखने संबंधी आदेश की जानकारी संभवत: रवि रंजन को दी गई थी। मैं इस प्रसंग में फिलहाल कुछ नहीं बोल सकता। -राजकुमार, सभापति एडहॉक कमेटी
एकल पत्र का कोई महत्व नहीं, मैं प्राचार्य
एकल पत्र का कोई कानूनी महत्व नहीं है। सरकार या कोर्ट ने मुझे नहीं हटाया है। ऐसे में किसी के कह देने से मैं कैसे प्राचार्य पद से हट जाऊं। मैं अभी भी प्राचार्य के रूप में काम कर रहा हूं। -संतोष कुमार, प्राचार्य
संतोष अनधिकृत रूप से काम कर रहे
मैंने 14 अगस्त को प्रभार ग्रहण किया था। सभापति ने 15 अगस्त को इसकी संपुष्टि कर दी थी। शिक्षा सचिव को भी सूचना दी थी। संतोष कुमार अनधिकृत रूप से काम कर रहे। -रवि रंजन, प्रभारी प्राचार्य





