1340 CGL अफसरों से पहले जैसा लिया जाये काम, झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्मिक विभाग ने उठाया कदम

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September 11, 2026

1340 CGL अफसरों से पहले जैसा लिया जाये काम, झारखंड हाईकोर्ट के आदेश के बाद कार्मिक विभाग ने उठाया कदम

रांचीः सीजीएल-2023 के माध्यम से विभिन्न विभागों में नियुक्त 1340 अधिकारियों के काम जारी रखने को लेकर कार्मिक विभाग ने आदेश जारी कर दिया, जिसमें सभी कर्मियों को पूर्व की तरह काम जारी रखने के लिए कहा गया है। इस सिलसिले में सभी विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रधान सचिव, सचिव, जेएसएससी सचिव, प्रमंडलीय आयुक्तों और सभी जिलों के डीसी को कार्मिक विभाग ने पत्र भेजा है। पत्र में कार्मिक ने हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन का निर्देश दिया है।

इससे पहले मंत्रिपरिषद ने पिछले 17 बगस्त को जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने का फैसला कैबिनेट में लिया था। कार्मिक विभाग ने इस फैसले पर 18 अगस्त को अधिसूचना जारी कर परीक्षा रद्द कर दी थी। तब सरकार के इस फैसले से प्रभावित पदाधिकारियों और कर्मियों ने इसके खिलाफ हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। इसके बाद हाईकोर्ट ने 21 अगस्त को फैसला सुनाया था। झारखंड हाईकोर्ट ने जेएसएससी सीजीएल परीक्षा रद्द करने के बाद इन अधिकारियों को काम से हटाने के सरकार के फैसले पर रोक लगा दी थी। अदालत ने आदेश दिया था कि याचिकाकर्माओं सहित ऐसे सभी प्रभावित कर्मी, जो इस अधिसूचना से प्रभावित हुए हैं, वह इस रिट याचिका के अंतिम निष्पादन तक अपने पदों पर कार्य करते रहेंगे। इसके बाद भी कई विभागों ने इन कर्मियों से काम लेने को लेकर संशय की स्थिति बनी हुई थी, कई जगहों पर काम नहीं लिया जा रहा था। वेतन भुगतान भी रुका था। सभी विभाग कोर्ट के आदेश के बाद कार्मिक विभाग से इस बाबत निर्देश का इंतजार कर रहे थे।

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हाईकोर्ट ने सरकार से सीआईडी जांच और अब तक हुई कार्रवाई की रिपोर्ट मांगी
झारखंड हाईकोर्ट ने सीजीएल परीक्षा का विज्ञापन संख्या 10 /2023 रद्द करने संबंधी राज्य सरकार की अधिसूचना के क्रियान्वयन पर अगले आदेश तक रोक लगा दी। साथ ही 1340 अधिकारियों को काम जारी रखने का निर्देश दिया। इस सुनवाई के दौरान अदालत ने प्रथम दृष्टया कहा कि किसी नियमित नियुक्ति को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांत का पालन किये बिना समाप्त नहीं किया जा सकता। सुनवाई में अदालत ने राज्य सरकार को जवाबी शपथ पत्र दायर करने का निर्देश दिया। इसमें सीआईडी जांच और अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी देनी होगी। प्रार्थियों को 14 सितंबर को जवाबी शपथ पत्र दाखिल करना होगा। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को दोपहर 12.15 मिनट बजे होगी। प्रार्थियों की ओर से अधिवक्ता अमृतांश वत्स, अर्पण एक्का और कुमार अभिषेक ने पक्ष् रखा।

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