रांचीः एमिटी यूनवर्सिटी के बाहर बीबीए द्वितीय वर्ष के छात्र लक्की राज से मारपीट और छिनतई के मामले में उसकी मां अरगोड़ा निवासी प्रियंका सिंह ने 9 सितंबर को विधानसभा थाना में प्राथमिकी दर्ज करायी है। इस मामले में चतरा विधायक जनार्दन पासवान के बेटे सौरभ और उसके दोस्तों को आरोपित बनाया गया है। आवेदन में आरोप लगाया गया है कि सभी युवक नशे की हालत में थे और गैंग बनाकर उनके बेटे लक्की राज के साथ मारपीट की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। प्रियंका सिंह के अनुसार, उनका 20 वर्षीय बेटा लक्की राज अमिटी यूनिवर्सिटी में बीबीए सेकेंड ईयर का छात्र है।
सात सितंबर को वह सुबह करीब 9:30 बजे घर से कॉलेज गया था। दोपहर करीब दो बजे क्लास खत्म होने के बाद वह कॉलेज के मेन गेट से बाहर निकल रहा था। आरोप है कि इसी दौरान सौरभ कुमार, वासु दूबे, हर्षवर्धन तिवारी, प्रतीक सिंह और तीन-चार अन्य युवक वहां बीयर व शराब की बोतल और बेल्ट लेकर खड़े थे तथा शराब व सिगरेट का सेवन कर रहे थे। वासु दूबे ने लक्की को जबरन रोक लिया और गाली-गलौज करने लगा। लक्की ने परिचित होने की बात कहते हुए गाली देने से मना किया। आरोप है कि इसके बाद नशे की हालत में सौरभ कुमार ने उसका कालर पकड़ लिया और मारपीट शुरू कर दी।

गला दबाने और बेल्ट से पीटने का आरोप
प्रियंका ने आरोप लगाया है कि मारपीट के दौरान सौरभ ने उनके बेटे के गले से सोने का लॉकेट और पैंट की जेब से 4500 रुपये छीन लिए। इसके बाद कथित तौर पर उसने कहा कि उसके पिता विधायक हैं और लक्की को गोली मारकर हत्या कर देने पर कोई कुछ नहीं कर पाएगा।
आवेदन में यह भी आरोप लगाया गया है कि लक्की को एससी-एसटी एक्ट में फंसाकर जिंदगी बर्बाद करने की धमकी दी गई। युवकों ने धक्कामुक्की कर लक्की को जमीन पर गिरा दिया। इसके बाद सौरभ ने जान मारने की नीयत से उसका गला दबाने का प्रयास किया। वासु दूबे, हर्षवर्धन तिवारी, प्रतीक सिंह और अन्य युवकों ने लात-घूंसे तथा बेल्ट से उसके साथ मारपीट की।
छात्रों की भीड़ जुटी तो पिस्टल लाने की बात कही
आवेदन में बताया गया है कि मारपीट और हंगामा देखकर कॉलेज के अन्य छात्र वहां पहुंच गए। छात्रों की भीड़ बढ़ने पर सौरभ ने अपने साथियों को बुलाया और पिस्टल लेकर आने तथा लक्की को गोली मारने की बात कही। अन्य छात्रों ने किसी तरह लक्की को आरोपितों से बचाया। छात्रों ने 112 पर फोन करने का प्रयास किया, लेकिन काल नहीं लग सकी। भीड़ बढ़ने पर सौरभ को छोड़कर उसके अन्य साथी वहां से भाग गए।
थाने ले जाने के दौरान अपहरण की झूठी सूचना देने का आरोप
प्रियंका के अनुसार, सौरभ के अत्यधिक नशे में होने और गाली-गलौज करने के कारण लक्की ने अन्य छात्रों के साथ उसे विधानसभा थाना ले जाने का निर्णय लिया। उसे गाड़ी में बैठाकर थाना ले जाने के दौरान आरोप है कि सौरभ ने किसी व्यक्ति को फोन कर अपने अपहरण की झूठी सूचना दी और मोबाइल फोन फ्लाइट मोड में कर लिया। इसके बाद युवकों ने सौरभ को गाड़ी से उतार दिया। लक्की पैदल ही सौरभ को लेकर विधानसभा थाना पहुंचा।
कॉलेज में पहले से बयानबाजी करने का भी आरोप
प्रियंका ने आवेदन में कहा है कि उनका बेटा जब अमिटी यूनिवर्सिटी पढ़ने जाता था, तब सौरभ और उसके अन्य दोस्त कॉलेज के अंदर और बाहर उसके खिलाफ तरह-तरह की बयानबाजी करते थे। लक्की घर आकर इसकी जानकारी देता था। इन घटनाओं से परेशान होकर वह कॉलेज नहीं जाने की बात भी कहने लगा था। परिजनों ने उसे समझाते हुए सौरभ से दूरी बनाकर पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह दी थी।





