लोहरदगा : झारखंड की खेल राजधानी के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहे लोहरदगा ने एक बार फिर राज्य स्तरीय खेल आयोजन की सफल मेजबानी कर नई मिसाल पेश की। लोहरदगा जिला ताइक्वांडो एसोसिएशन के तत्वावधान में आयोजित 26वीं सब जूनियर एवं जूनियर राज्य स्तरीय ताइक्वांडो चैंपियनशिप तथा 15वीं सब जूनियर एवं जूनियर राज्य स्तरीय पूमसे चैंपियनशिप का शनिवार को भव्य समापन हुआ। स्वर्गीय हरि किशन महतो की स्मृति को समर्पित इस प्रतियोगिता में झारखंड के 14 जिलों से आए करीब 700 खिलाड़ियों ने अपने कौशल, अनुशासन और जुझारूपन का शानदार प्रदर्शन किया। राज्यस्तरीय प्रतियोगिता में रांची, लोहरदगा, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, धनबाद, बोकारो, हजारीबाग, गुमला, खूंटी, देवघर, कोडरमा, चतरा समेत विभिन्न जिलों के खिलाड़ी, प्रशिक्षक और रेफरी शामिल हुए। क्योरुगी के रोमांचक मुकाबलों और पूमसे की तकनीकी प्रस्तुतियों ने खेल प्रेमियों को लगातार तीन दिनों तक बांधे रखा। प्रतियोगिता की सबसे बड़ी विशेषता पहली बार कंप्यूटरीकृत स्कोरिंग सिस्टम का उपयोग रहा, जिससे मुकाबले पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ संपन्न हुए।

खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने में प्रशासन हमेशा साथ रहेगा : डीडीसी
समापन समारोह के मुख्य अतिथि उप विकास आयुक्त राज महेश्वरम ने कहा कि लोहरदगा जिला ताइक्वांडो एसोसिएशन ने जिस पेशेवर तरीके से राज्य स्तरीय प्रतियोगिता का आयोजन किया है, वह प्रशंसनीय है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन जिले की पहचान को नई ऊंचाई देते हैं और ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को अपनी क्षमता साबित करने का अवसर प्रदान करते हैं।उन्होंने खिलाड़ियों से कहा कि अनुशासन, समर्पण और निरंतर अभ्यास ही सफलता का आधार है। जिला प्रशासन भविष्य में भी खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने और बड़े आयोजनों के लिए हरसंभव सहयोग देगा।

ताइक्वांडो आत्मविश्वास, अनुशासन और नेतृत्व क्षमता विकसित करता है : एसडीपीओ
विशिष्ट अतिथि किस्को एसडीपीओ दिवाकर कुमार ने कहा कि ताइक्वांडो केवल आत्मरक्षा का खेल नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण का भी सशक्त माध्यम है। इससे युवाओं में आत्मविश्वास, अनुशासन, धैर्य और नेतृत्व क्षमता विकसित होती है। उन्होंने खिलाड़ियों की मेहनत तथा आयोजन समिति की उत्कृष्ट व्यवस्था की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण प्रतिभाओं को राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने का अवसर देते हैं।

ताइक्वांडो खिलाड़ियों को बेहतर मंच देना ही हमारा उद्देश्य : अजय महतो
आयोजन समिति के अजय महतो ने कहा कि प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य राज्य के उभरते ताइक्वांडो खिलाड़ियों को प्रतिस्पर्धात्मक मंच उपलब्ध कराना और युवाओं को ताइक्वांडो जैसे मार्शल आर्ट से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि विभिन्न भार वर्गों में खिलाड़ियों ने शानदार तकनीक, खेल भावना और अनुशासन का परिचय दिया। बड़ी संख्या में पहुंचे अभिभावकों और खेल प्रेमियों ने भी खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया।

रांची ने जीता खिताब, लोहरदगा को मिला अनुशासन सम्मान
प्रतियोगिता में सर्वश्रेष्ठ टीम प्रदर्शन (ओवरऑल चैंपियन) का खिताब रांची ने अपने नाम किया। पूर्वी सिंहभूम दूसरे और मेजबान लोहरदगा तीसरे स्थान पर रहा। वहीं बेस्ट डिसिप्लिन टीम का पुरस्कार लोहरदगा की टीम को दिया गया। विजेता खिलाड़ियों और टीमों को ट्रॉफी, मेडल एवं प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। समापन समारोह में झारखंड ताइक्वांडो एसोसिएशन और लोहरदगा जिला ताइक्वांडो एसोसिएशन के पदाधिकारी, विभिन्न जिलों के कोच, रेफरी, खिलाड़ी, अभिभावक और खेल प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। आयोजन समिति ने सभी अतिथियों, खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और सहयोगी संस्थाओं के प्रति आभार जताते हुए कहा कि भविष्य में लोहरदगा में और भी बड़े राष्ट्रीय स्तर के खेल आयोजन कराने का प्रयास किया जाएगा। सफल आयोजन ने एक बार फिर साबित कर दिया कि लोहरदगा अब केवल खनिज संपदा ही नहीं, बल्कि खेल प्रतिभाओं की भी मजबूत धरती बनकर उभर रहा है।








