पटनाः बिहार की राजनीति में बीजेपी के लिए बुधवार का दिन ऐतिहासिक है। बिहार में न केवल नेतृत्व परिवर्तन हो रहा है बल्कि इतिहास में पहली बार राज्य में बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने जा रहा है। सम्राट चौधरी के रूप में बीजेपी को बिहार में उसका पहला मुख्यमंत्री मिल रहा गया। सम्राट चौधरी बिहार में बीजेपी के ओबीसी चेहरा और नीतीश कुमार के लव-कुश समीकरण दोनों को साधते है। सम्राट चौधरी के साथ जेडीयू कोटे से दो उप मुख्यमंत्री भी शपथ लेंगे। जेडीयू की ओर से बिजेंद्र प्रसाद यादव और विजय कुमार चौधरी उप मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
नीतीश कुमार ने दिया मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा, सम्राट चौधरी NDA विधायक दल के नेता चुने गए
मंगलवार को पहले बीजेपी फिर एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने कहा कि यह मेरे लिए गौरव का क्षण है, सभी के साथ बिहार को सुंदर और विकसित बनाने का काम होगा। नीतीश कुमार लगभग 20 सालों से बिहार के मुख्यमंत्री और 50 साल से सक्रिय राजनीति में है। पीएम मोदी और नीतीश कुमार ने मुझ पर भरोसा किया है। एनडीए विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद सम्राट चौधरी ने नीतीश कुमार का पैर छूकर आशीर्वाद लिया।
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लव-कुश को साधा
बीजेपी ने सामाजिक समीकरण का ध्यान रखते हुए सम्राट चौधरी को सरकार की कमान सौंपी है। सम्राट कोइरी-कुशवाहा जाति से आते हैं। जाति सर्वेक्षण के अनुसार बिहार की कुल आबादी में कोइरी-कुशवाहा जाति यादव जाति के बाद दूसरी सबसे बड़ी बिरादरी है। राज्य में इनकी 4.2120 प्रतिशत आबादी है। वहीं लव-कुश जोडी की दूसरी जाति कुर्मी की आबादी 2.8785 प्रतिशत बतायी जाती है। दूसरी सबसे बड़ी जाति कुशवाहा पर बीजेपी ने दांव लगाया है। इसका असर 2027 में यूपी के चुनाव में भी दिख सकता है जहां इस बिरादरी की अच्छी-खासी जनसंख्या है। वहीं जेडीयू कोटे से बनने वाले दो डिप्टी सीएम में एक बिजेंद्र प्रसाद यादव बिहार में सबसे बड़ी बिरादरी यादव से आते है और विजय कुमार चौधरी सवर्ण समाज से आते है। इस अनुसार सरकार के नेतृत्व से लेकर नंबर दो और तीन पर जातीय समीकरण का ख्याल रखा गया है। विजय कुमार सिन्हा इस बार डिप्टी सीएम नहीं होंगे इसलिए उनकी जगह विजय कुमार चौधरी को सवर्ण समाज से रखा गया है।


