रांचीः झारखंड क्रिकेट में एक बार फिर बाहरी खिलाड़ियों को शामिल करने का मामला सामने आया है। पश्चिम सिंहभूम जिला टीम में बंगाल क्रिकेट लीग खेल चुके परमजीत सिंह और सचिन दुबे जैसे 26 वर्षीय खिलाड़ियों को अंडर-19 अंतर-जिला प्रतियोगिता में उतारे जाने के बाद चयन प्रक्रिया और नियमों की पारदर्शिता पर सवाल उठ रहे हैं।
दोनों खिलाड़ी पिछले पांच वर्षो से बंगाल लीग और विश्वविद्यालय स्तर पर सक्रिय रहे हैं, इसके बावजूद उन्हें झारखंड की अंडर-19 जिला प्रतियोगिता में मौका दिया गया। इतना ही नहीं सचिन दुबे को जेएससीए की अंडर-19 जोनल टीम में भी शामिल किया गया है। इस संबंध में पश्चिम सिंहभूम क्रिकेट संघ के सचिव असीम सिंह से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गयी, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
झारखंड प्रशासनिक सेवा के अफसरों का वेतन बढ़ेगा, वित्त मंत्री की हरी झंडी के बाद अब कैबिनेट में जाएगा प्रस्ताव
परमजीत सिंह बंगाल के पश्चिम वर्दमान जिले के निवासी हैं, सत्र 2024-25 और 2025-26 में परमजीत तालातला इंस्टीट्यूट से खेल चुके हैं। वे खिदिरपुर स्पोर्टिंग क्लब, इंडियन बॉयज एथलेटिक क्लब का भी प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। पश्चिम बंगाल के प्रमाण-पत्रों में उनका जन्मतिथि 23-08-2000 अंकित है, जबकि झारखंड में इसे बदलकर 06-10-2008 कर दिया गया।

बिष्णुगढ़ कांड के आरोपी से बीजेपी ने तोड़ा नाता! प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा भीम राम नहीं था पार्टी कार्यकर्ता
सचिन दुबे फुलझरी, चितरंजन के निवासी हैं, वे भी तालातला इंस्टीट्यूट के अलावा बर्नपुर क्रिकेट क्लब, कुमारतुली इंस्टीट्यूट और बालक संघ की ओर से खेल चुके हैं। बंगाल में उनका जन्मतिथि 13-01-2001 दर्ज है, जबकि झारखंड की ओर से खेलने के लिए इसे 30-11-2007 कर दिया गया है।

AJSU विधायक निर्मल महतो उर्फ तिवारी महतो पर आरोप,रामगढ़ नगर उपाध्यक्ष पर दर्ज कराया रंगदारी मांगने का मामला
जेएससीए के सचिव और पूर्व क्रिकेटर सौरभ तिवारी ने इस मामले को लेकर कहा कि हमारे क्रिकेटर भी दूसरे राज्यों में खेलने जाते है, कई राज्यों में अधिकतम दो प्रोेशनल खिलाड़ियों को खेलाने का नियम है, जहां तक दोनों खिलाड़ियों की उम्र की बात है, इस पर पश्चिम सिंहभूम के सचिव से बात करने के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।


