अंबा प्रसाद ने कांग्रेस और JMM के खिलाफ खोला मोर्चा, कहा-अनुशासन तोड़ने के लिए मजबूर किया गया, योगेंद्र साव ने कुछ भी गलत नहीं किया

अंबा प्रसाद ने कांग्रेस और JMM के खिलाफ खोला मोर्चा, कहा-अनुशासन तोड़ने के लिए मजबूर किया गया, योगेंद्र साव ने कुछ भी गलत नहीं किया

रांचीः बड़कागांव से कांग्रेस की पूर्व विधायक और राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद ने बागी रूख अपना लिया है। रविवार को रांची प्रेस क्लब में प्रेस कांफ्रेंस कर उन्होने कांग्रेस के साथ-जेएमएम पर भी जमकर हमला बोला। अपने पिता योगेंद्र साव को कांग्रेस से निकाले जाने का ठिकरा उन्होंने कांग्रेस और जेएमएम नेताओं पर फोड़ा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस प्रवक्ता राकेश सिन्हा और जेएमएम प्रवक्ता मनोज पांडेय पर हमला करते हुए कहा कि उनकी जानकारी में पार्टी और गठबंधन में अपनी बातें रखने का कोई एसओपी है तो उन्हे बताना चाहिए था।

योगेंद्र साव को कांग्रेस ने पार्टी से निकाला, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ बयानबाजी के बाद गिरी गाज
अंबा प्रसाद ने कहा कि लगातार अपने क्षेत्र में हम प्रताड़ना झेल रहे है। इस साल मेरे पिता योंगेद्र साव पर सात केस हुए है। फर्जी मुकदमा होते गया, हम लोग सूचना देते रहे लेकिन हमें कोई बचा नहीं पाया। मेरे पिता ने जब धरना दिया था उस वक्त बीजेपी के एमपी सीएम रमेश ने हमें धमकी दी। उसमें भी पार्टी के लोग चुप रहे, हमें ये अभाव महसूस होते रहा। इसलिए हम केंद्रीय नेतृत्व के पास गए और वहां पर सारी चाजें बताई। इनको इस बात कि दिक्कत हो रही है कि हम क्यों सारी बातें डायरेक्ट केंद्रीय नेतृत्व को बता दिये। ये कहते है कि लोकप्रिय मुख्यमंत्री के खिलाफ बोलते है, इन्हें ये चीज नहीं दिखाई देती कि हमारे साथ अन्याय हो रहा है। किस तरह से हमारी मां निर्मला देवी को नंगे पाव और नाईटी में थाना भेज दिया गया, नास्ता भी नहीं करने दिया गया। मेरे घर पर बुलडोजर चला दिया। 2000 पुलिस वहां तैनात कर दिया गया, माननीय मुख्यमंत्री जी मेरा सुध लिये। ये सब कार्रवाई करने से पहले पार्टी ने कोई सुध लिया।

योगेंद्र साव के घर चला बुलडोजर, NTPC के खनन क्षेत्र में तोड़ा गया पूर्व मंत्री का आवास
अम्बा प्रसाद ने कहा कि मेरे पिता को गलत तरीके से पार्टी से निकाला गया. उन्होंने कहा कि अनुशासन समिति की ये करवाई दवाब में हुई है. पार्टी से निकालने से पहले कारण क्यों नहीं पूछा गया ? पार्टी के विधायक जब मंत्रियों पर टिप्पणी करते है, तब इन आचरण पर कारवाई क्यों नहीं हुई? प्रदेश नेतृत्व को इस बात से परेशानी थी कि मैंने केंद्रीय नेताओं से मुलाकात क्यों की। उन्होंने कांग्रेस मीडिया प्रभारी राकेश सिन्हा और झामुमो प्रवक्ता मनोज पांडे पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि झारखंड कांग्रेस यह बताए कि पार्टी कब उनके साथ खड़ी रही। अम्बा प्रसाद ने कहा कि वह अपने पिता के निष्कासन सहित सभी मुद्दों की जानकारी पार्टी आलाकमान को देंगी।उन्होंने कहा कि आत्मसम्मान के साथ लंबे समय तक समझौता नहीं किया जा सकता। प्रदेश प्रभारी के राजू से भी उन्हें कोई सहयोग नहीं मिला।

हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन दिल्ली रवाना, असम विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस से नहीं बनी बात
अम्बा प्रसाद ने कहा कि एनटीपीसी ने कार्रवाई के दौरान कोर्ट के आदेशों की अवहेलना की और आनन-फानन में घर तोड़ने की प्रक्रिया को अंजाम दिया।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ये नहीं दिखा क्या? एनटीपीसी सरकार के गोद में बैठकर काम कर रही है।जहां लारा लागू होना चाहिए था, वहां सीबी एक्ट लगाया गया।अंबा ने कहा कि मेरे पिता ने मुख्यमंत्री और एनटीपीसी के खिलाफ बोलकर कुछ भी गलत नहीं किया गया, क्या उन्होंने कोई अपशब्द या गाली दी थी, जो इतने सीनियर नेता को पार्टी से बाहर कर दिया गया।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now