कोडरमा: जिले के मरकच्चो प्रखंड अंतर्गत डगरनवां पंचायत के कारी पहाड़ी और चटनिया दह गांवों में लगभग 100 लोग पिछले 20 वर्षों से मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। इन घने जंगलों के बीच बसे 10 परिवारों को पीने के पानी, बिजली और स्वास्थ्य सेवाओं जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहे हैं। मजबूरी ऐसी है कि वहीं के दूषित पानी से पहले बर्तन साफ किए जाते हैं और फिर उसी पानी का उपयोग पीने के लिए भी किया जाता है।ग्रामीणों के इस संघर्ष का वीडियो सोशल मीडिया पर पत्रकार सोहन सिंह ने पोस्ट किया उसके बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने जिले के उपायुक्त को इस पर संज्ञान लेने का निर्देश दिया है।
.@dckoderma तत्काल संज्ञान लें। https://t.co/TRQismzaaC
— Hemant Soren (@HemantSorenJMM) May 8, 2026
सबसे बड़ी समस्या पेयजल की है। गांव की महिलाएं और बच्चे रोजाना घर से करीब आधा किलोमीटर दूर सोती नाला तक कठिन चढ़ाई-उतराई वाले रास्तों से पानी लाने जाते हैं। मजबूरी ऐसी है कि वहीं के दूषित पानी से पहले बर्तन साफ किए जाते हैं और फिर उसी पानी का उपयोग पीने के लिए भी किया जाता है।ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के दिनों में स्थिति और भयावह हो जाती है। नाले का पानी गंदा और कीचड़युक्त हो जाता है, जिससे बीमारियों का खतरा लगातार बना रहता है। इसके बावजूद अब तक गांव में स्वच्छ पेयजल की कोई स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है।स्थानीय लोगों ने कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से गुहार लगाई, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। ग्रामीणों का आरोप है कि विकास योजनाएं कागजों तक सीमित हैं, जबकि जमीनी स्तर पर आज भी लोग बुनियादी जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।


