रांचीः झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा (JTET) 2026 की नियमावली में भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा की सूची से बाहर करने के बाद उपजे व्यापक भाषाई विवाद और विरोध प्रदर्शन के बीच, झारखंड सरकार ने एक बड़ा फैसला लिया है।
प्रमुख निर्णय और समिति का गठन
हेमंत सरकार ने वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर के नेतृत्व में एक पांच सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।कार्मिक प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग के द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार इस कमेटी में श्रम मंत्री संजय प्रसाद यादव, ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडे सिंह, पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद और नगर विकास एवं आवास विभाग के मंत्री सुदिव्य कुमार को शामिल किया गया है।
इस अधिसूचना के अनुसार समिति की बैठकों के लिए स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग को नोडल की जिम्मेदारी दी गई है। सरकार के उप सचिव ब्रज माधव के हस्ताक्षर से जारी अधिसूचना के अनुसार समिति यथाशीघ्र अपना प्रतिवेदन राज्य सरकार को समर्पित करेगी। समिति जिलावार भाषा संबंधी नियमों का अध्ययन करने के बाद अपनी अनुशंसा सरकार को सौंपेगी, जिसके आधार पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।


