रांचीः प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी (TSPC) के सब-जोनल कमांडर आदिल अंसारी उर्फ ‘देवा’ को रांची पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। रांची एसएसपी राकेश रंजन को मिली सूचना के आधार पर देवा को गिरफ्तार किया गया है।
फरार होने के दौरान घायल हुआ देवा
रांची के सीनियर एसपी राकेश रंजन को गुप्त सूचना मिली थी कि कई उग्रवादी घटनाओं में शामिल टीएसपीसी का कुख्यात कमांडर लोहरदगा शहर में छिपा हुआ है। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए डीएसपी खलारी के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया।
टीम ने स्थानीय पुलिस की मदद से लोहरदगा के ईदगाह मोहल्ले में एक किराए के मकान में आदिल के छिपे होने की जानकारी मिली। जिसके बाद आदिल जिस घर मे था उसकी घेराबंदी की गई, घेराबंदी के दौरान आदिल अंसारी ने ऊपरी मंजिल से कूदकर भागने की कोशिश की। लेकिन इस कोशिश में वह गंभीर रूप से घायल हो गया।पुलिस ने मौके पर ही उसे धर दबोचा और गिरफ्तार कर लिया।
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हथियार बरामद
रांची के सीनियर एसपी राकेश रंजन ने बताया कि आरोपी के पास से हथियार और अन्य सामग्री बरामद की गई है, जिसकी जांच जारी है। पुलिस के अनुसार, आदिल अंसारी TSPC के शीर्ष कमांडरों के साथ लंबे समय से सक्रिय रहा था।संगठन के इशारे पर वह खलारी, पिपरवार, मैकलुस्कीगंज और बुड़मू क्षेत्रों में व्यवसायियों, ठेकेदारों, ईंट-भट्ठा मालिकों तथा कोयला कारोबारियों से रंगदारी वसूलता था। रंगदारी न देने पर फायरिंग, मारपीट और जान से मारने की धमकियां देना उसकी आम रणनीति थी। पुलिस जांच में सामने आया है कि हाल के महीनों में उसने कई लोगो को धमकी देकर लेवी की मांग की थी।
आतंक का पर्याय बन गया था आदिल
रांची पुलिस के अनुसार, दिसंबर 2024 और फरवरी 2025 में लेवी वसूली, अपहरण तथा मारपीट की घटनाओं में देवा की सीधी संलिप्तता पाई गई है। खासकर 10 फरवरी 2025 को खलारी क्षेत्र में दहशत फैलाने के लिए की गई फायरिंग की घटना में भी आदिल का नाम प्रमुखता से आया था।इन वारदातों से स्थानीय व्यवसायी समुदाय में भय का माहौल बना हुआ था।


