रांचीः जेटेट विसंगति के आधार पर सहायक अध्यापक (पारा शिक्षक) की मानदेय में की गयी कटौती पर शिक्षा परियोजना फिर से कानूनी राय लेगी। इसके लिए महाधिवक्ता को प्रस्ताव भेजा गया है। नियुक्ति कक्षा और जेटेट उत्तीर्ण स्तर अलग-अलग होने से राज्य के करीब 2000 सहायक अध्यापकों के मानदेय में जनवरी महीने से चार से छह हजार रुपये तक की कटौती की गयी है। परियोजना ने मामले में दूसरी बार झारखंड महाधिवक्ता कार्यालय से कानूनी परामर्श मांगा है।
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इसे लेकर झारखंड शिक्षा परियोजना ने दिसंबर 2025 में जिलों में पत्र भेजा था, जिसमें कक्षा एक से पांच के लिए नियुक्त शिक्षक को कक्षा एक से पांच व छह से आठ के लिए नियुक्त शिक्षक को छह से आठ का जेटेट पास होना अनिवार्य बताया गया था। शिक्षकों को जेटेट सफल होने पर मिलनेवाली मानदेय बढ़ोतरी की राशि इसी आधार पर ही देने का निर्देश था। जिलों द्वारा इस पत्र के आधार पर शिक्षकों के मानदेय में कटौती भी की गयी थी। इस मामले पर झारखंड शिक्षा परियोजना ने महाधिवक्ता से राय मांगी है, जिससे यह तय हो सके कि वेतन कटौती जारी रहेगी या बढ़ा हुआ मानेदय बहाल किया जायेगा।
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यह है मामलाः राज्य में लगभग ऐसे 2000 पारा शिक्षक है, जो नियुक्ति के अनुरूप जेटेट में सफल नहीं हैं। ऐसे नियुक्त शिक्षक कक्षा एक से पांच में हैं एवं टेट सफल छह से आठ के लिए हुए हैं। इसी प्रकार कुछ शिक्षक ऐसे हैं, जो नियुक्त तो कक्षा छह से आठ के लिए हुए है, पर टेट कक्षा एक से पांच में पास है।
जनवरी से पहले क्या थी स्थितिः जनवरी से पहले तक जेटेट पास सभी शिक्षकों को मिलने वाला बढ़ा हुआ मानदेय उन शिक्षकों को भी मिल जाता था, जिन्होंने अपनी नियुक्ति कक्षा की जेटट पास नहीं की थी।




