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झारखंड में अंधविश्वास की वजह से भीड़ ने मां-बेटे को जिंदा जलाया, डायन-बिसाही के आरोप में ले ली जान

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Live Dainik

February 18, 2026

झारखंड में अंधविश्वास की वजह से भीड़ ने मां-बेटे को जिंदा जलाया, डायन-बिसाही के आरोप में ले ली जान

डेस्कः झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले में अंधविश्वास और क्रूरता का एक रूह कंपा देने वाली घटना सामने आई है।कुमारडूंगी थाना क्षेत्र के कलाईया गांव में डायन होने का आरोप लगाकर 32 वर्षीय महिला और उसके दो माह के नवजात को पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया। जबकि पति गंभीर रूप से झुलसने के बावजूद जान बचाकर भागने में सफल रहा।
12 आरोपियों ने थाने में किया सरेंडर
रोंगटे खड़े कर देने वाली इस वारदात का खुलासा बुधवार को तब हुआ, जब घटना को अंजाम देने वाले 12 ग्रामीणों ने खुद कुमारडुंगी थाना पहुंचकर आत्मसमर्पण कर दिया। आरोपियों ने पुलिस के समक्ष बेखौफ होकर कुबूल किया कि उन्होंने ही महिला को डायन मानकर सपरिवार खत्म करने की साजिश रची और उसे अंजाम दिया। पुलिस ने आत्मसमर्पण करने वाले सभी लोगों को तुरंत हिरासत में ले लिया है। चाईबासा के डीएसपी रेफरल मुर्मू ने मामले की पुष्टि करते हुए इसे अंधविश्वास का चरम बताया है।

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आधी रात को घर में घुसकर छिड़का पेट्रोल
पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, गांव में पिछले कुछ दिनों से कुछ लोगों की बीमारी और मवेशियों की अचानक हो रही मौत को लेकर अफवाहों का बाजार गर्म था। ग्रामीणों का एक समूह इसके लिए उक्त महिला को ही जिम्मेदार ठहरा रहा था और उसे ‘डायन’ घोषित कर चुका था। मंगलवार की आधी रात को जब पूरा परिवार गहरी नींद में था, तब करीब 12 लोगों का समूह हथियारों और पेट्रोल के साथ पीड़ित के घर में घुस गया। हमलावरों ने सो रहे परिवार पर पेट्रोल छिड़क कर आग लगा दी। आग इतनी तेजी से फैली कि मां और मासूम बच्चे को घर से बाहर निकलने तक का मौका नहीं मिला और वे जिंदा जल गए।
इलाके में दहशत, भारी पुलिस बल तैनात
इस खौफनाक घटना के बाद पूरे कुमारडुंगी क्षेत्र में सनसनी और दहशत का माहौल है। गांव में व्याप्त तनाव को देखते हुए प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी है। बुधवार सुबह वरीय पुलिस अधिकारी दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। साक्ष्य जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड की भी मदद ली जा रही है ताकि आरोपियों के खिलाफ पुख्ता सबूत जुटाए जा सकें।

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क्या कहते हैं पुलिस अधिकारी?
चाईबासा के डीएसपी रेफरल मुर्मू ने बताया कि यह मामला पूरी तरह से अंधविश्वास से प्रेरित है।उन्होंने कहा कि अभी तक चार मुख्य आरोपियों को औपचारिक रूप से हिरासत में लिया गया है, जबकि अन्य 8-10 लोगों से गहन पूछताछ की जा रही है जो खुद थाना पहुंचे थे।पुलिस ने स्पष्ट किया है कि डायन प्रथा के नाम पर इस तरह की हिंसा करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। मामले में हत्या, हत्या के प्रयास और डायन प्रतिषेध अधिनियम की संगीन धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की जा रही है।

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