पटनाः पप्पू यादव को 31 साल पुराने धोखाधड़ी के एक मामले में पटना सिविल कोर्ट से जमानत मिल गई है। हालांकि, उन्हें अभी जेल में ही रहना होगा, क्योंकि वे बुद्धा कॉलोनी कांड संख्या 72/26 में न्यायिक हिरासत के तहत हैं। इस दूसरे मामले में उनकी जमानत पर सुनवाई कल होगी।गर्दनीबाग थाना से जुड़े वर्ष 1995 के एक पुराने आपराधिक मामले में उनकी गिरफ्तारी के बाद बीते तीन दिनों से वे न्यायिक हिरासत में थे।अदालत के इस फैसले के साथ ही सियासी और कानूनी हलकों में चल रही चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया है।
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तीन दिन की हिरासत के बाद कोर्ट से राहत
गिरफ्तारी के बाद पप्पू यादव को तीन दिनों तक न्यायिक हिरासत में रहना पड़ा था। शनिवार को कोर्ट में पेशी के बाद उन्हें इलाज के लिए पीएमसीएच भेजा गया था।उनकी तबीयत को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे थे। सोमवार को MP/MLA कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद अदालत ने उन्हें गर्दनीबाग मामले में जमानत दे दी।
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क्या है 31 साल पुराना गर्दनीबाग मामला
पप्पू यादव के खिलाफ यह मामला पटना के गर्दनीबाग थाना में दर्ज है। आरोप है कि शिकायतकर्ता विनोद बिहारी लाल का मकान धोखे से किराए पर लिया गया और बाद में उस पर कब्जा कर लिया गया। इस केस में धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक साजिश और धमकी जैसी धाराएं लगाई गई थीं। लंबे समय तक कोर्ट में उपस्थिति नहीं रहने के कारण पहले जारी जमानत बॉन्ड रद्द कर दिया गया था, जिसके बाद उनकी गिरफ्तारी हुई।पप्पू यादव के वकील शिवनंदन भारती ने सिविल कोर्ट के बाहर बताया कि अदालत ने गर्दनीबाग कांड संख्या 552/95 में उनके मुवक्किल को जमानत दे दी है। उन्होंने कहा कि यह मामला बेल बॉन्ड टूटने से जुड़ा था और कोर्ट ने सभी कानूनी पहलुओं पर विचार करने के बाद बेल मंजूर की है। वकील के मुताबिक न्यायिक औपचारिकताएं पूरी होने के बाद पप्पू यादव को बाहर आना था, लेकिन एक अन्य केस के कारण फिलहाल रिहाई नहीं हो सकी।
बुद्धा कॉलोनी थाना में एक और मामला दर्ज
गर्दनीबाग मामले में ज़मानत मिलने के बावजूद पप्पू यादव की कानूनी मुश्किलें पूरी तरह खत्म नहीं हुई हैं। उनके खिलाफ पटना के बुद्धा कॉलोनी थाना में पुलिस के काम में बाधा डालने से जुड़ा एक और मामला दर्ज है।इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया अलग से चलेगी।




