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रांची से लापता अंश और अंशिका का 7 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं, 4 IPS और 8 DSP तलाश में जुटी

रांची से लापता अंश और अंशिका का 7 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं, 4 IPS और 8 DSP तलाश में जुटी

रांचीः धुर्वा थाना क्षेत्र के मौसीबाड़ी खटाल इलाके से दो जनवरी को दोपहर 2.30 बजे से लापता भाई और बहन अंश और अंशिका का 7 दिन बाद भी कोई सुराग नहीं मिला है। इस केस में चार आईपीएस और आठ डीएसपी सर्च ऑपरेशन चला रहे है। परिजनों का हाल देखकर दिल दहल जा रहा है। इस मामले में पुलिस ने 51 हजार रुपये का इनाम रखा है। पुलिस को इस मामले की जानकरी दो जनवरी को दी गयी थी, लेकिन प्राथमिकी तीन जनवरी को दर्ज हुई। इस मामले में धुर्वा थाना प्रभारी बिमल किंडो कहा कहना है कि पहले दिन सनहा दर्ज हुआ था। बच्चे के 24 घंटे में नहीं मिलने पर अगले दिन सनहा को प्राथमिकी में बदला गया। थाना प्रभारी के अनुसार, यह नियमानुकूल है।

रांची में घर से निकले नाबालिग भाई बहन लापता, दो दिनों से खोज रही है पुलिस
दोनों बच्चे के गायब होने के बाद मां बेसुध हो गई है। रो-रो कर मां नीतू का बुरा हाल हो गया है। रोते हुए कहती है कि मेरे अंश और अंशिका को घर वापस ले आओ। छह साल पहले मेरी शादी पटना के मनेर थाना क्षेत्र के रहने वाले सुनील कुमार से हुई थी। एक साल बाद अंश पैदा हुआ। उसके एक साल बाद ही अंशिका का जन्म हुआ है। इन दोनों से छोटा दो साल का एक और बेटा है। अंश बहुत तेज है।
अंश और अंशिका के माता पिता छह साल पहले पटना के मनेर से रांची आयी थी। रांची आने के चार महीने पहले पति ने मौसीबाड़ी के आंगनबाड़ी में अंश और अंशिका का नाम लिखाया था। शुरू के डेढ़ माह बच्चों को लेकर उसके दादा आंगनबाड़ी पहुंचाने जाते थे। बाद में अंश खुद बहन को लेकर आंगनबाड़ी आने-जाने लगा। अंश पहले भी दुकान जाता था, दो जनवरी को पहली बार अंशिका भाई के साथ बिस्कुट खरीदने गयी थी। अंश मुहल्ला और शालीमार बाजार वगैरह से खुद घूमकर आ जाता था, लेकिन, दो जनवरी को दोपहर 2.30 बजे अंश और अंशिका को लेकर निकला और लौटकर नहीं आया।

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रांची के धुर्वा से गायब भाई-बहनों की तलाश तेज, पुलिस चला रही है हाउस सर्च अभियान, बिहार से बंगाल बॉडर तक भेजी गई टीम
पुलिस की आठ टीम अलग-अलग एंगल से लगातार जांच कर रही है, लेकिन गायब भाई-बहन का कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। रांची पुलिस की टेक्निकल टीम भी पूरी तरह से फेल हो चुकी है। रांची पुलिस के लिए अब मौली जो डॉग स्क्वॉयड का सदस्य है ही एकमात्र सहारा है। रांची पुलिस की टीम गायब नाबालिग भाई-बहन का कपड़ा सुंघाकर सुराग ढूंढ रही है। मौली ने पुलिस को क्लू भी दिया है। बच्चे का कपड़ा सुंघाने के बाद मौली बार-बार उस दुकान के बगल में स्थित घर के पार्किंग स्थल पर खड़ी ओमनी वैन जेएएच01 सीटी 7349 तक पहुंच रहा है, जहां से बच्ची टॉफी लेने गई थी। मौली उस पैन की सीट पर बैठ जा रही है जिसके बाद पुलिस को पूरी आशंका है कि अगवा भाई-बहन के किसी दूसरे जगह तक पहुंचाने में इसी गाड़ी का इस्तेमाल किया गया है। फिलहाल वैन मालिक रितेश कुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। हालांकि नाबालिग भाई-बहन के अपहरण में अपनी संलिप्तता से साफ इंकार कर रहा है। रितेश अपनी पत्नी चंदा देवी के साथ दुकान चलाता है। रितेश के अलावा उसकी मां शांति देवी और पत्नी चंदा देवी को हिरासत में लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है। तीनों संदिग्धों को धुर्वा थाने में रख गया है।

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नाबालिग भाई-बहन की तलाश में रांची लेकर उसके पैतृक गांव पटना के मनेर तक पुलिस खाक छान चुकी है, लेकिन अभी तक कोई खास सुराग हाथ नहीं लगा है। पुलिस के बड़े अफसरों ने मोर्चा संभाला है। राज्य की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा कि वो धुर्वा से लापता दोनों बच्चों के मामले को खुद पर्सनली देख रही है। धुर्वा से लेकर कर्रा और गोविंदपुर तक जाने वाले रास्ते में लगे सीसीटीवी फुटेज चेक किया गया है। प्रत्येक वाहन को देखा गया है। पड़ोसी राज्यों में भी टीम भेजकर बच्चों की तलाश की गया है। पुलिस पूरी गंभीरता से बच्चों की तलाश में जुटी हुई है।

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