5 सितंबर को क्या होगा क्या दिल्ली की तरह विश्वास मत हासिल करेंगे सीएम हेमंत सोरेन!

रांची। झारखंड में उत्पन्न राजनीतिक अनिश्चितता के बीच गुरुवार को कैबिनेट की बैठक में जो एक अहम फैसला लिया गया, उसके तहत 5 सितंबर को पूर्वाह्न 11 बजे से एकदिवसीय विशेष सत्र आहूत करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी।
झारखंड सरकार के इस फैसले के बाद यह माना जा रहा है कि 5 सितंबर को आहूत एकदिवसीय सत्र के दौरान मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन भी दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार की तरह विधानसभा में विश्वास मत पर चर्चा करा कर शक्ति प्रदर्शन करेंगे। गठबंधन सरकार में शामिल झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल विधायकों को एकजुट रखने के लिए अधिकांश विधायकों को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित मेफेयर रिसॉर्ट में ठहराया गया है। अब ये सभी विधायक अगले 4 सितंबर तक वहीं रहेंगे और 4 सितंबर को ही एक साथ इन सभी को वापस रांची लाया जाएगा और रांची में एक स्थान में ठहरा कर दूसरे दिन 5 सितंबर को एक साथ विधानसभा पहुंचने की रणनीति बनायी गयी है। यह भी संभावना जतायी जा रही है कि आज कैबिनेट की बैठक समाप्त होने के बाद कल सुबह अन्य सभी मंत्री भी चार्टेड विमान से रायपुर चले जाएंगे। इनके साथ एक दिन के लिए सीएम भी रायपुर में यूपीए विधायकों से मिलने जा सकते हैं। इस बार कांग्रेस कोटे के मंत्रियों के अलावा जेएमएम और आरजेडी कोटे से सरकार में शामिल मंत्रियों को भी रायपुर ले जाने की संभावना है।

See also  गन्ने के खेत में मिले दुल्हन के कपड़े, ड्रोन उड़ाकर देखा तो… खुला सुहागरात का ये गहरा राज, सदमे में दूल्हा

राज्यपाल पर दबाव बनाने की रणनीति

झारखंड विधानसभा का एकदिवसीय विशेष सत्र आहूत करने के फैसले को राज्यपाल पर दबाव बनाने की रणनीति के रूप में देखा जा रहा है। जिस तरह से सीएम हेमंत सोरेन के ऑफिस ऑफ प्रॉफिट मामले में भारत निर्वाचन आयोग का फैसला आ चुका है और राज्यपाल के निर्णय की सभी प्रतीक्षा कर रहे हैं, वैसे में इस फैसले को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

सत्रावसान के फैसले को स्थगित कर मॉनसून सत्र को किया विस्तारित

झारखंड कैबिनेट ने विगत 24 अगस्त को प्रस्ताव में 29 जुलाई से 5 अगस्त तक आहूत मॉनसून सत्र के सत्रावसान करने का फैसला लिया था। जिसके कारण एकदिवसीय विशेष सत्र आहूत करने के लिए राज्यपाल की अनुमति जरूरी होती। इसमें राजभवन की ओर से अड़चन पैदा की जा सकती थी, इसकी अनुमति में विलंब होने से यूपीए खेमा को प्रतीक्षा करना पड़ सकता, यही कारण है कि आज कैबिनेट की बैठक में एक प्रस्ताव पारित मॉनसून सत्र के सत्रावसान को पहले स्थगित करने का निर्णय लिया गया और फिर एक दूसरे प्रस्ताव के माध्यम से इसी सत्र को विस्तारित करते हुए 5 सितंबर को विशेष सत्र आहूत करने का निर्णय लिया गया।

See also  विदेशी को देख फलवाले बढ़ा दिया चार्ज, 1 केले की लगाई इतनी कीमत! VIDEO वायरल
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now