पलामू :चर्चित विनीत तिवारी अपहरण एवं हत्याकांड में पलामू पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। मामले के मुख्य आरोपितों में शामिल प्रशांत तिवारी को उत्तर प्रदेश के झांसी से गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर पलामू लाया गया है। पूछताछ में आरोपित ने कई अहम खुलासे किए हैं। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जमीन के कारोबार में वर्चस्व स्थापित करने की रंजिश इस सनसनीखेज हत्याकांड की मुख्य वजह थी।
पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने गुरुवार को पुलिस सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में बताया कि 25 अप्रैल 2026 को मेदिनीनगर टाउन थाना क्षेत्र से विनीत तिवारी का अपहरण किया गया था। अगले दिन 26 अप्रैल को सदर थाना क्षेत्र के जोरकट इलाके से उनका शव बरामद हुआ था। मामले की जांच के दौरान कुख्यात अपराधी प्रदीप तिवारी उर्फ महाकाल, उसके भाई दिलीप तिवारी उर्फ मिंटू तिवारी, प्रशांत तिवारी, राकेश तिवारी और रौशन तिवारी के नाम सामने आए। इनमें दिलीप तिवारी को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। एसपी ने बताया कि पूछताछ में प्रशांत तिवारी ने स्वीकार किया है कि जमीन कारोबार में दबदबा कायम करने के उद्देश्य से वारदात की साजिश रची गई थी। घटना के समय सभी आरोपित शराब के नशे में थे। विनीत तिवारी की गला दबाकर हत्या की गई और बाद में शव को घसीटकर ठिकाने लगाने का प्रयास किया गया, ताकि पुलिस को गुमराह किया जा सके। हत्या के बाद प्रशांत तिवारी दो दिनों तक अपने गांव के जंगल में छिपा रहा। इसके बाद रिश्तेदारों की मदद से वह झांसी फरार हो गया, जहां वह महज तीन हजार रुपये मासिक किराये के मकान में रह रहा था। फरारी के दौरान आर्थिक तंगी ऐसी हो गई कि उसे दिन में केवल एक समय भोजन कर गुजारा करना पड़ रहा था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और गुप्त सूचना के आधार पर झांसी में उसकी मौजूदगी का पता लगाया और उसे गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उससे गहन पूछताछ जारी है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ से कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं, जिनके आधार पर फरार अन्य आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा करते हुए सभी आरोपितों को कानून के शिकंजे में लाया जाएगा।


