डेस्कः झारखंड के चर्चित शराब घोटाला मामले की जांच का दायरा धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो(ACB) ने तत्कालीन उत्पाद आयुक्त और रामगढ़ जिले के उपायुक्त फैज अक अहमद मुमताज को पूछताछ के लिए तलब किया है। एसीबी ने उन्हें सोमवार को पूछताछ में शामिल होने के लिए नोटिस भेजा है। इससे पहले ACB ने इस मामले में IAS मुकेश कुमार और मनोज कुमार से पूछताछ कर चुकी है।
यूपी का भोला प्रसाद झारखंड से करता है कोडिन का काला धंधा, बांग्लादेश तक होती थी सप्लाई?… जानिए FIR में कितने आरोपी ?
उल्लेखनीय है कि झारखंड में हुए शराब घोटाला मामले में ACB ने उत्पाद एवं मद्य निषेध विभाग तत्कालीन सचिव विनय चौबे सहित 13 लोगों पर नामजद FIR कराया गया है। इस केस में पहली गिरफ्तारी वरीय IAS अधिकारी विनय चौबे की हुई थी। ACB की FIR में कहा गया है कि दो प्लेसमेंट एजेंसियों की फर्जी बैंक गारंटी की अधिकारियों ने जांच तक नहीं की, जिसकी वजह से 38.44 करोड़ का शराब घोटाला हुआ है।
झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नाम पर कर्नाटक के डिप्टी सीएम को किया फर्जी कॉल, बोला बीबी से बात कराओ
प्लेसमेंट एजेंसियों पर कार्रवाई नहीं की गई
बैंक गांरटी के संबंध में संबंधित बैंक के प्रबंधक द्वारा बताया गया कि यह बैंक गारंटी न तो बैंक द्वारा निर्गत की गई है और न ही इस पर प्रयुक्त लेटर हेड, सिग्नेचर बैंक से संबंधित है। इसके बाद भी इन प्लेसमेंट एजेंसियों पर कार्रवाई नहीं की गई। नियमानुकूल रिकवरी नहीं होने पर मेसर्स विजन हॉस्पिटैलिटी सर्विसेज एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड पर मार्च 2025 तक 12 करोड़ 98 लाख 18 हजार 405 रुपए और मेसर्स मार्शन इनोवेटिव सिक्यूरिटी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड पर मार्च 2025 तक 25 करोड़, 46 लाख 66 हजार 313 रुपए की देनदारी होने की बात सामने आई है।




