रांचीः गुमला जिले के कामडारा में मारे गए नक्सली संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया यानी पीएलएफआई के कुख्यात रीजनल कमांडर 15 लाख के इनामी मार्टिन केरकेट्टा के मारे जाने के बाद झारखंड पुलिस ने राहत की सांस ली है। दिनेश गोप के बाद पीएलएफआई की कमान मार्टिन केरकेट्टा के हाथों में ही थी। मार्टिन का आतंक सिर्फ सात जिलों में ही नहीं था बल्कि उसके निशाने पर राज्य के एक बड़े राजनेता भी थे। खुफिया एजेंसी ने झारखंड पुलिस के साथ जो खुफिया जानकारी साझा की है उसके अनुसार, मार्टिन केरकेट्टा के निशाने पर आजसू पार्टी के प्रमुख और राज्य के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुदेश महतो थे।
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पूर्व में गिरफ्तार पीएलएफआई के दस लाख के इनामी जोनल कमांडर तिलकेश्वर गोप उर्फ राजेश गोप ने भी पुलिस की पूछताछ में इस बात का खुलासा किया था। झारखंड के पूर्व गृह मंत्री रहे सुदेश महतो को माओवादियों ने निशाने पर क्यों रखा था, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं हो पाई है। क्या इसका कोई राजनीतिक कारण था या कुछ और अभी पता नहीं चल पाया है। मार्टिन केरकेट्टा के मारे जाने के बाद सुदेश महतो खतरे से दूर हो गए हैं।
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25 जनवरी 2023 को मार्टिन केरकेट्टा के नेतृत्व में रांची के अनगड़ा थाना क्षेत्र के जोन्हा के जंगल में माओवादियों की बैठक हुई थी। इस बैठक में मार्टिन केरकेट्टा के अलावा तिलकेश्वर गोप, सूरज गोप उर्फ कोका गोप और मोटू उर्फ मुंडा शामिल हुआ था। इस बैठक में माओवादियों ने आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश महतो को नुकसान पहुंचाने की योजना बनाई थी। वे वहां पुलिस की छापेमारी से 20 से 25 दिन पहले से कुछ युवाओं को भी संगठन में शामिल करने का प्रयास कर रहे थे और लेवी की भी वसूले कर रहे थे। रांची पुलिस ने सूचना पर छापा मारा तो तिलकेश्वर गोप और उसका दूसरा साथी सूरज गोप पकड़ा गया था। मार्टिन व मोटू फरार हो गया था। इस मामले में अनगड़ा के तत्कालीन थानेदार ब्रजेश कुमार के बयान पर अनगड़ा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसके बाद से ही मार्टिन उस क्षेत्र से भागकर खूंटी और गुमला क्षेत्र में सक्रिय हो गया था।
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5 अगस्त 2025 की रात गुमला के एसपी हारिस बिन जमां को गुप्त सूचना मिली थी कि कामडारा थाना क्षेत्र के चंगाबाड़ी ऊपरटोली में कुछ उग्रवादी छूपे हुए है। इसके बाद विशेष टीम का गठन कर सर्च ऑपरेशन शुरू किया गया। पुलिस मौके पर पहुंची तो फायरिंग शुरू कर दी गई। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में कुख्यात मार्टिन केरकट्टा मारा गया। मार्टिन केरकेट्टा गुमला के कामडारा थाना क्षेत्र के रेमड़ा गांव का रहने वाला था। वो पीएलएफआई के केंद्रीय समिति का सदस्य था और दिनेश गोप के बाद कमान संभाल रहा था। मार्टिन केरकेट्टा रांची, गुमला, खूंटी, चाईबासा ,हजारीबाग, सिमडेगा,चतरा जिले में आतंक था।गुमला पुलिस की यह कार्रवाई नक्सल प्रभावित क्षेत्र में बड़ी कामयाबी मानी जा रही है, जिससे PLFI संगठन को तगड़ा झटका लगा है।मार्टिन केरकट्टा पर खूंटी में 17, रांची में 11, हजारीबाग 3, चतरा में एक, चाईबासा में 4, सिमडेगा में 6 और गुमला में 30 मामले दर्ज थे।




