पीएम मोदी का ब्रिटेन दौरा, फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से व्हिस्की होगी फौरन सस्ती…जानिए भारत को क्या होगा फायदा

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डेस्क: ब्रिटेन के प्रधानमंत्री  कीर स्टारमर और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बृहस्पतिवार को एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) पर हस्ताक्षर करेंगे, जिससे दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को नई गति मिलने की उम्मीद है। इस समझौते से 2040 तक ब्रिटेन के भारत को निर्यात में 60% तक की वृद्धि होने का अनुमान है।

90% निर्यात वस्तुओं पर शुल्क में कटौती

मई में घोषित इस समझौते के तहत ब्रिटेन के 90% से अधिक निर्यात पर टैरिफ घटाए जाएंगे। इनमें सौंदर्य प्रसाधन, परिधान, और खाद्य-पेय पदार्थ प्रमुख हैं, हालांकि ये कटौतियां अगले दस वर्षों में चरणबद्ध तरीके से लागू होंगी। ब्रिटिश सरकार का कहना है कि इससे ब्रिटिश अर्थव्यवस्था को हर साल £4.8 बिलियन का लाभ होगा।

औसतन टैरिफ घटकर 3% होंगे

यूके डिपार्टमेंट फॉर बिजनेस एंड ट्रेड (DBT) के अनुसार, भारत द्वारा ब्रिटिश उत्पादों पर लगाया जाने वाला औसत टैरिफ 15% से घटकर केवल 3% रह जाएगा जब यह एफटीए लागू होगा। इससे ब्रिटिश कंपनियों के लिए सॉफ्ट ड्रिंक, कॉस्मेटिक्स, कारें और मेडिकल डिवाइसेज जैसे उत्पाद भारत में बेचना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो जाएगा।

व्हिस्की उद्योग को सबसे बड़ा लाभ

DBT के अनुसार, ब्रिटिश व्हिस्की उत्पादकों को इस समझौते से खास लाभ मिलेगा। वर्तमान में 150% का शुल्क सीधे घटाकर 75% किया जाएगा, और अगले 10 वर्षों में यह केवल 40% रह जाएगा। इससे ब्रिटेन को भारत में अपने अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धियों के मुकाबले स्पष्ट बढ़त मिलेगी।

मछली, मशीनरी से लेकर चॉकलेट और ऑटो पार्ट्स तक

ब्रिटेन से सैल्मन मछली, भेड़ के मांस और मशीनरी जैसे उत्पादों पर तत्काल शुल्क कटौती लागू होगी, जबकि चॉकलेट, कॉस्मेटिक्स और ऑटो पार्ट्स पर धीरे-धीरे रियायतें मिलेंगी।

 

भारत को भी मिलेगा निर्यात में लाभ

भारत को भी इस समझौते से लाभ मिलेगा। ब्रिटेन में भारतीय वस्त्रों, जूतों और आम, अंगूर जैसे कृषि उत्पादों पर टैरिफ हटाए जाएंगे। हालांकि इन उत्पादों पर पहले से ही शुल्क कम था (लगभग 4% से 16%)।

ऑटो सेक्टर में ऐतिहासिक फैसला

भारत से ब्रिटेन में निर्यात होने वाली कारों पर शुल्क 100% से घटाकर 10% कर दिया जाएगा, हालांकि इसकी एक सीमा तय की गई है जिसे गुरुवार को स्पष्ट किया जाएगा।

वीज़ा और पेशेवर आवाजाही पर आंशिक सहमति

यूके ने वीज़ा और पोस्ट-स्टडी वर्क राइट्स जैसे मुद्दों पर कोई बड़ी रियायत नहीं दी, लेकिन भारत को कुछ पेशेवर लाभ मिले हैं — जिनमें 1,800 योग प्रशिक्षकों और कलाकारों के लिए विशेष वीज़ा शामिल हैं।

इसके अलावा, यूके में अल्पकालिक स्थानांतरण पर आए भारतीय कर्मचारियों और उनके नियोक्ताओं को अब तीन साल तक नेशनल इंश्योरेंस योगदान नहीं देना होगा, जो पहले केवल एक वर्ष के लिए था। हालांकि, यूके सरकार ने स्पष्ट किया है कि इससे भारतीय और ब्रिटिश कर्मचारियों के बीच कोई असमानता नहीं होगी।

निवेश और रोजगार के आंकड़े

ब्रिटेन में लगभग 1,000 भारतीय कंपनियां कार्यरत हैं, जो 1 लाख से अधिक लोगों को रोजगार देती हैं और $91 बिलियन से अधिक का राजस्व उत्पन्न करती हैं। वहीं, यूके में भारतीय मूल के लोगों की संख्या 18 लाख से अधिक है। भारत सरकार के अनुसार, 2023-24 में भारत-ब्रिटेन द्विपक्षीय व्यापार $55 बिलियन के पार पहुंच गया।

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