डेस्कः बिहार के जमुई में पिछले चार दिनों से हाईवोल्टेज ड्रामा चल रहा है। जिले के आनंद विहार मोहल्ले में एक बहू ने अपने ससुराल वालों को चार दिनों से घर में बंद करके रखा हुआ है। महिला घर का दरवाजा बंद कर अपनी बेटी के साथ धरने पर बैठी हुई है। पूरा मामला संपत्ति विवाद से जुड़ा हुआ है।
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बहू की मांग है कि उसे और उसकी बेटी को घर में प्रवेश दिया जाए, जबकि ससुराल वालों का दावा है कि इस घर से बहू को कोई संबंध नहीं है, उसे यहां से जाना चाहिए।हिला द्वारा लगाए गए ताले के कारण सास, ससुर, देवर, छोटी बहू और दो छोटे बच्चों समेत आधा दर्जन लोग घर में कैद हैं। घर में कैद सास और ससुर की तबीयत भी खराब है।
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बताया गया है कि ससुर मोहन सिंह कैंसर से पीड़ित हैं। इसके अलावा, दो छोटे बच्चे भी हैं, जो घर से बाहर नहीं जा पा रहे हैं। घर का जरूरी सामान भी उन्हें रिश्तेदारों या अन्य लोगों से मंगाना पड़ रहा है।जिस महिला ने ताला लगाया है, वह बड़ी बहू प्रीति कुमारी हैं और चरकापत्थर के सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं।
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मामले की सूचना जिला प्रशासन और पुलिस को भी दी गई है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। प्रीति का पति वायु सेना में सहारनपुर में कार्यरत है और उनके बीच रिश्ते अच्छे नहीं हैं। प्रीति ने बताया कि उसकी बेटी एक एथलीट है और उसे कालेज ग्राउंड पर सुबह प्रैक्टिस करने जाना होता है।
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वह चाहती है कि उसकी बेटी को कमरे में रहने दिया जाए ताकि उसे गांव से शहर आने-जाने में परेशानी न हो।घर में कैद सुशील कुमार ने बताया कि उनके पिता कैंसर पीड़ित हैं और मां भी बीमार रहती हैं। कुल छह लोग चार दिनों से घर में कैद हैं। बड़े भाई की पत्नी ने घर के मेन गेट पर ताला लगा दिया है और बाहर धरने पर बैठी हैं।
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घर का जरूरी सामान मुश्किल से बाहर से किसी से मदद लेकर मंगाया जा रहा है। इस बारे में पुलिस और प्रशासन को भी सूचना दी गई है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। भाई की पत्नी इस घर में रहना चाहती हैं, जबकि उसे गांव के घर का हिस्सा दे दिया गया है। आए दिन वह इसी तरह की हरकतें करती रहती हैं।




