रांचीः कुख्यात आपराधिक गिरोह इतने दुस्साहसी हो चुके हैं कि वे पुलिसवालों पर भी हाथ डालने से नहीं घबराते। ऐसी ही एक दुर्भाग्यपूर्ण घटना बीते दिनों नई दिल्ली में घटी, जहां झारखंड कैडर के एक सीनियर भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी को दुर्दांत ठक-ठक गिरोह ने लूट लिया।
चंदन मिश्रा हत्याकांड में पुलिस को मिली बड़ी कामयाबी, पश्चिम बंगाल से शूटर्स गिरफ्तार, पारस हॉस्पिटल के डॉक्टर पर शक की सुई
लूटपाट के दौरान पुलिस अधिकारी आंशिक तौर पर जख्मी भी हो गए। लुटेरे उनका बैग लूटकर ले भागे, जिसमें 95 हजार रुपये और लैपटॉप था। अपराधी इतने बेखौफ थे कि लूटपाट के दस मिनट के बाद मौके पर फिर वापस आए और दूसरी तरफ डिवाइडर पर बैग रखकर भाग गए, लेकिन बैग से रुपये नदारद थे।
रांची के दो बिल्डरों को पुलिस की वर्दी पहनकर अपराधियों ने किया अगवा, लूट लिये 50 लाख रुपये
अलबत्ता अधिकारी का लैपटॉप बरामद हो गया। उक्त अधिकारी दिल्ली में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) में तैनात हैं और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं। वे राज्य में कई जिलों में पुलिस अधीक्षक समेत मुख्यालय में वरिष्ठ पद पर रह चुके हैं। घटना के वक्त अधिकारी सादी वर्दी में थे।
पश्चिम बंगाल की जेल में बंद शेरू के शार्गिदों ने रची गैंगस्टर चंदन मिश्रा की हत्या की साजिश, ADG कुंदन कृष्णन ने कहा-मर्डर गैंगवार का नतीजा
नई दिल्ली के बुरारी फ्लाइओवर पर घटना उस वक्त हुई, जब अधिकारी अपने ड्राइवर के साथ एक निजी कार में घर जा रहे थे। एक मोटरसाइकिल चालक ने अधिकारी के वाहन को रोकने के लिए इशारा किया। जब अधिकारी ने विंडो नीचे की तो मोटरसाइकिल चालक ने उन्हें बताया कि कार से तेल रिस रहा है।
झारखंड हाई कोर्ट ने बाल अधिकार आयोग की अध्यक्ष काजल यादव को दी राहत, हटाए गए आदेश को किया रद्द
इसके बाद वाहन को फ्लाइओवर पर रोक दिया गया और मोटरसाइकिल चालक भी रुक गया। जैसे ही आईपीएस अधिकारी कार से नीचे उतरे, दो और लोग एक अन्य मोटरसाइकिल पर आए। उनमें से एक ने कार का दरवाजा खोला और अधिकारी का बैग छीन लिया, जिसमें नकदी और लैपटॉप था।
चंदन मिश्रा मर्डर केस में नया मोड़, सामने आया मोनू सिंह का नाम, तीन से पुलिस ने की पूछताछ
अधिकारी ने हस्तक्षेप करने की कोशिश की तो उन्हें धक्का दे दिया गया, जिसमें उन्हें मामूली चोटें आईं। घटना के बाद अधिकारी एक निजी अस्पताल में प्राथमिक उपचार के लिए गए। अगले दिन उन्होंने थाने में अपनी शिकायत दर्ज कराई।
पटना में अपराधियों ने महिला को बीच सड़क मारी गोली, नाजुक हालत में अस्पताल में भर्ती
दिल्ली का ठक-ठक गिरोह एक कुख्यात आपराधिक गिरोह है, जो मुख्य रूप से रोड लूट की वारदातों में सक्रिय है। यह गिरोह ज्यादातर गाड़ियों को निशाना बनाता है और चोरी करने से पहले पीड़ितों का ध्यान भटकाने के लिए विभिन्न हथकंडे अपनाता है, जैसे कि सड़क पर पैसे फेंकना, किसी ना किसी बहाने से बात करना या कार के बोनट पर तेल डालना आदि।
यह ट्रैफिक जाम में फंसी गाड़ियों को भी निशाना बनाता है। जब पीड़ित का ध्यान भटका हुआ होता है तो गिरोह के सदस्य जल्दी से कार से कीमती सामान जैसे बैग, लैपटाप या मोबाइल फोन चुरा लेते हैं।
चोरी करने के बाद गिरोह के सदस्य तुरंत मौके से फरार हो जाते हैं। गिरोह के सदस्य गिरफ्तारी से बचने के लिए अक्सर अपना ठिकाना बदलते रहते हैं। टीम के कई सदस्य पूर्व में पुलिस के हत्थे चढ़ चुके हैं।


