डेस्कः बिहार में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण की ग्रांउड रिपोर्टिंग कर रहे वरिष्ठ पत्रकार अजीत अंजुम पर एफआईआर दर्ज किया गया है। साहेबपुर कमाल विधानसभा क्षेत्र के बीएलओ अंसारूलहक के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। अजीत अंजुम ने SIR के दौरान हो रही अनियमितता को अपने चैनल पर उजागर किया था।

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अजीत अंजुम ने FIR के बाद अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपनी प्रतिक्रिया जारी की है। उन्होने कहा है कि उन्होने अपने रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकार धर्म को निभाया है। जो गड़बड़ी हमें ग्राउंड पर दिखी उसको उजागर किया गया। कई जगहों पर अधूरे फर्म भरे गये उनको भी जमा किया जा रहा है। दैनिक भास्कर ने भी अपनी रिपोर्ट में इस बात कर जिक्र किया है।

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अजीत अंजुम ने सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए लिखा है कि बेगूसराय के एक मुस्लिम BLO को मेरे खिलाफ मोहरा बनाया है। मेरे वीडियो में ऐसा कुछ नहीं , जो इस FIR में कहा गया है। आप लोग देखें और तय करें।चालीस मिनट के वीडियो में कई सवाल हैं , जिनका जवाब चुनाव आयोग को देना चाहिए ।मेरे वीडियो को पब्लिश होने से रोकने के लिए कई बार SDM और BDO के फोन आए। क्योंकि मेरे कैमरे में बहुत कुछ ऐसा कैद हुआ जो उनके लिए फजीहत की वजह बना।मैंने उनकी बात नहीं सुनी .तो एक मुस्लिम BLO को दबाव में लाकर उनसे FIR दर्ज करवा दी गई।
बेगूसराय के एक मुस्लिम BLO को मेरे खिलाफ मोहरा बनाया है . मेरे वीडियो में ऐसा कुछ नहीं , जो इस FIR में कहा गया है . आप लोग देखें और तय करें .
चालीस मिनट के वीडियो में कई सवाल हैं , जिनका जवाब चुनाव आयोग को देना चाहिए .
मेरे वीडियो को पब्लिश होने से रोकने के लिए कई बार SDM और BDO… pic.twitter.com/xoby16lqAJ
— Ajit Anjum (@ajitanjum) July 14, 2025
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अजीत अंजुम पर एफआईआर दर्ज होने के बाद वरिष्ठ पत्रकार रवीश कुमार ने भी तीखी प्रतिक्रिया जाहिर करते हुए लिखा है कि चुनाव आयोग का नाम FIR आयोग कर देना चाहिए। विपक्ष को गांव गांव जाना चाहिए और वोटर से पूछना चाहिए कि क्यों उन्हें पावती रसीद मिली है? या फिर आयोग को अपने बोर्ड से हटवा देना चाहिए कि BLO दो फॉर्म लेकर जा रहे हैं? यह निर्देश जिसने दिया है और जिसने लिखवाया है, FIR उसके ख़िलाफ़ होनी चाहिए। कायदे से आयोग को @ajitanjum का शुक्रिया अदा करना चाहिए और FIR वापस लेनी चाहिए। जिन BLO को दंडित किया गया है, उनके ख़िलाफ़ भी मामलों को वापस लेना चाहिए।
चुनाव आयोग का नाम FIR आयोग कर देना चाहिए। विपक्ष को गांव गांव जाना चाहिए और वोटर से पूछना चाहिए कि क्यों उन्हें पावती रसीद मिली है? या फिर आयोग को अपने बोर्ड से हटवा देना चाहिए कि BLO दो फॉर्म लेकर जा रहे हैं? यह निर्देश जिसने दिया है और जिसने लिखवाया है, FIR उसके ख़िलाफ़ होनी… https://t.co/iFAajuPU1N
— ravish kumar (@ravish_journo) July 14, 2025




