रांचीः झारखण्ड आरक्षी (कांस्टेबल) प्रतियोगिता परीक्षा 2023 का पहले से प्रकशित विज्ञापन रद्द कर राज्य सरकार अधियाचना वापस लेगी, जिसमे कुल 4919 पदों की बहाली होनी हैं। मुख्य सचिव अलका तिवारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधियाचना वापस लेने के के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का अनुमोदन मिल गया हैं। अब इस प्रस्ताव पर कैबिनेट से स्वीकृति ली जाएगी। स्वीकृति मिलने के बाद नियुक्ति प्रक्रिया का विज्ञापन हाल ही में लागू संयुक्त भर्ती नियमावली 2025 के तहत नए सिरे से विज्ञापन निकला जायेगा।
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सिपाही भर्ती में कुल 4919 रिक्त पदों में 3799 पद नियमित स्तर पर एवं 1120 पद बैकलॉग स्तर पर नियुक्ति होनी हैं। नियुक्ति के लिए ऑनलाइन 15 जनवरी से 28 फरवरी 2024 तक लिया गया था। इसमें लाखों अभ्यार्थी आवेदन भरा था। लेखिन इसकी परीक्षा प्रक्रिया किसी भी स्तर पर शुरू नहीं हो पाई।
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ऐसे में अब नई नियमावली से प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इसके लिए 12 मार्च को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता वाली कैबिनेट ने पुलिस , कक्षपाल , सिपाही (गृह रक्षा वाहिनी), उत्पाद सिपाही संयुक्त भर्ती नियमावली 2025 के गठन की स्वीकृति दी थी। तब कैबिनेट सचिव वंदना दादेल ने बताया था की नई नियमावली के आधार पर सिपाहियों की बहाली होगी।
विज्ञापन रद्द से अभ्यार्थिओं को अधिकतम आयुसीमा में छूट देने का प्रस्तवा भी हैं , बताया जा रहा हैं की अधिकतम आयुसीमा को झारखण्ड आरक्षी प्रतियोगिता परीक्षा 2023 में तय सिमा 1 अगस्त 2019 ही रखा जायेगा। एवं न्यूनतम आयुसीमा 1 अगस्त 2023 होगी।अधियाचना वापस लेने के साथ सरकार ने फैसला लिया हैं की भविष्य में संयुक्त भर्ती परीक्षा नियमावली के तहत नए आवेदन भर्ती प्रक्रिया में पूर्व के अभियार्थिओं को आवेदन शुल्क से छूट दी जाएगी। जो अभ्यार्थी पूर्व में जारी विज्ञापन झारखण्ड आरक्षी प्रतियोगिता परीक्षा 2023 को भरा था उन्हें आवेदन शुल्क नहीं लगेगा।
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सरकार के इस फैसले के बाद नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर हमला बोलते हुए अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर पोस्ट किया है कि मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM ने सिपाही भर्ती विज्ञापन को डेढ़ साल बाद अचानक से रद्द कर दिया है। नियमित स्तर पर लगभग 3800 पदों पर बहाली के लिए जनवरी 2024 में आवेदन मांगे गए थे। युवा जीतोड़ मेहनत कर सरकारी नौकरी का सपना देख रहे थे, लेकिन अब विज्ञापन रद्द होने के कारण उनकी उम्मीद चकनाचूर हो गई।युवाओं को झाँसा देने की धूर्तता में हेमंत सोरेन पारंगत हो गए हैं। कभी फर्ज़ी परीक्षा कैलेंडर, कभी पेपर लीक, तो कभी फर्ज़ी विज्ञापन… इसी फ़ेर में हेमंत सोरेन ने युवाओं को पिछले करीब 6 साल से उलझाए रखा है।हेमंत जी… गरीब, दलित, आदिवासी युवाओं के सपनों का गला घोंटना बंद करिए।
मुख्यमंत्री @HemantSorenJMM ने सिपाही भर्ती विज्ञापन को डेढ़ साल बाद अचानक से रद्द कर दिया है। नियमित स्तर पर लगभग 3800 पदों पर बहाली के लिए जनवरी 2024 में आवेदन मांगे गए थे। युवा जीतोड़ मेहनत कर सरकारी नौकरी का सपना देख रहे थे, लेकिन अब विज्ञापन रद्द होने के कारण उनकी उम्मीद…
— Babulal Marandi (@yourBabulal) July 7, 2025




