पटनाः बिहार में मानसून के एंट्री के साथ ही पिछले चार दिनों से लगातार बारिश हो रही है। भीषण बारिश से दक्षिण बिहार की कई नदियां उफान पर है। पानी के तेज बहाव के चलते छह से अधिक स्थानों पर तटबंध टूट गए हैं और जलजमाव से ग्रामीण क्षेत्रों में अफरा-तफरी मची हुई है। खासकर नालंदा और जहानाबाद जिलों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गयी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने आपातकालीन बैठक में राहत और बचाव कार्य शुरू करने का आदेश अधिकारियों को दिया है। तटबंधों की निगरानी में लापरवाही सामने आने के बाद मंत्री ने बाढ़ नियंत्रण प्रमंडल, एकंगरसराय के कार्यपालक अभियंता सहित 7 अभियंताओं को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।
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नालंदा के लोकाइन नदी समेत कई जिलों की नदियां उफान पर हैं। अक्टूबर 2021 के तीन साल बाद पहली बार बारिश से नालंदा जिले की नदियों का जलस्तर बढ़ने लगा है। शनिवार की रात करीब तीन बजे जिले के पश्चिमी क्षेत्र से होकर गुजरने वाली फल्गु नदी की शाखा लोकाइन नदी उफान पर पहुंच गयी है।नदी में पहली बार ही पानी की धार बहने के कारण एकंगरसराय प्रखंड के मंडाछ एवं नवगढ़, हिलसा के सोहरा पुल के पास धुरी बिगहा एवं गोसाइपुर तथा करायपरसुराय के मुसाढ़ी एवं अकबरपुर (बेरथू) के पास तटबंध टूट गये हैं। तीन प्रखंडों के दो दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ से काफी तबाही मची है। खेतों में तेजी से पानी फैल रहा है। करीब 100 एकड़ में लगी धान फसल और बिचड़े डूब गये हैं।
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वहीं जहानाबाद के घोसी में फल्गु नदी में वर्ष 2016 के बाद इतना अधिक पानी आया। नदी उफनाई तो मोदनगंज प्रखंड के मंडई, भतु विगहा, बराड़ी, मिर्जापुर समेत कई इलाकों के वधार में बाढ़ का पानी घुस गया। वहीं मिर्जापुर- वरक्षी विगहा जाने वाला मुख्य ग्रामीण सड़क दो जगह पर पानी के तेज बहाव में बह गया। जिसके कारण इन दो गांवों का संपर्क भंग हो गया है।
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गया में 9 साल बाद मुहाने और निरंजना नदी ने विकराल रूप दिखाया। झारखंड के चतरा से निकलने वाली मुहाने और निरंजना नदी में अचानक आई बाढ़ ने बोधगया के आसपास के दर्जनों गांवों में तबाही मचा दी। मुहाने और निरंजना में आई बाढ़ के कारण फल्गु नदी भी उफान पर है। मुहाने नदी का जलस्तर बढ़ने के बाद बोधगया के आधा दर्जन से ज्यादा गांवों में पानी घुस गया।
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अधिकारियों ने बताया कि 19 जून की शाम उदेरास्थान बैराज से 73,067 क्यूसेक पानी छोड़ना पड़ा, जो कि पिछले वर्ष के अधिकतम जलस्राव (68,268 क्यूसेक) से लगभग 4,439 क्यूसेक अधिक है। इसके कारण बंधुगंज काजवे गेज स्टेशन पर 62.15 मीटर का रिकॉर्ड स्तर दर्ज किया गया। जल संसाधन विभाग के प्रधान सचिव संतोष कुमार मल्ल और अभियंता प्रमुख शरद कुमार ने बताया कि तटबंधों की तत्काल मरम्मत के लिए आपातकालीन राशि जारी कर दी गई है। पटना से अतिरिक्त अभियंताओं और तकनीकी विशेषज्ञों की टीमों को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा गया है। रात-दिन काम करके तटबंधों को सुदृढ़ करने का प्रयास हो रहा है।


