रांचीः झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता के नियुक्ति के मामले को लेकर सोमवार को हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार से जवाब मांगा है। कोर्ट में जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा गया था। डीजीपी नियुक्ति नियमावली को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। अब इस मामले में 15 जुलाई को कोर्ट सुनवाई करेगा।
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कोर्ट ने डीजीपी नियुक्ति मामले को लेकर राज्य और केंद्र सरकार एवं अन्य, प्रतिवादियों से जवाब मांगा है। यह सुनवाई मुख्य न्यायाधीश संजय कुमार मिश्रा की अध्यक्षता वाली खंडपीठ में हुई।डीजीपी नियुक्ति नियमावली को हाई कोर्ट में चुनौती दी गई है।
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मामला राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी द्वारा दायर जनहित याचिका से जुड़ा है, जिसमें उन्होंने अनुराग गुप्ता की डीजीपी पद पर नियुक्ति को अवैध करार देते हुए इसे राज्य सरकार की नियमावली के खिलाफ बताया है।
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कोर्ट ने पिछली सुनवाई में प्रार्थी का पक्ष सुनने के बाद राज्य सरकार, संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) समेत अन्य प्रतिवादियों को नोटिस जारी किया था। सोमवार की सुनवाई के दौरान खंडपीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह मामले में काउंटर एफिडेविट दाखिल करे।
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बाबूलाल मरांडी ने याचिका में तर्क दिया है कि डीजीपी की नियुक्ति में निर्धारित प्रक्रिया और यूपीएससी की सिफारिशों की अवहेलना की गई है, जो संविधान और सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के खिलाफ है।कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए इसे सुनवाई योग्य माना है। अब इस याचिका पर अगली सुनवाई 15 जुलाई को निर्धारित की गई है।




