हिमांशी की हिम्मत को सैल्यूट: 6 दिनों पहले शादी और आज सामने पति का ताबूत…जय हिंद सुन आतंकियों के उड़ जाएंगें होश…

humanshi narwal

दिल्ली: हिमांशी नरवाल  का जय हिन्द सुन कलेजा फट जाएगा। आंखें नम हो जाएंगीं । एक सप्ताह भी नहीं हुआ था शादी के विनय नरवाल और हिमांशी और आतंकियों ने ये वक्त दिखा दिया । नेवी अफसर विनय नरवाल की अंतिम विदाई के समय हिमांशी ने जो हिम्मत दिखाई वो आतंकियों के मनोबल को तोड़ने के लिए काफी है । 

आंतकियों को हिमांशी ने हरा दिया

आंखों में आंसू लिए  हिमांशी की  बात सिर्फ उनके पति के लिए नहीं थी, बल्कि उन आतंकियों के मुंह पर जबरदस्त थपड़ हैं जो पलहगाम जैसी खूनी वारदात को अंजाम देख हिन्दुस्तान को तोड़ने के सपने देखते हैं ।

 

हिमांशी की हिम्मत को सलाम

 

विनय नरवाल का पार्थिव शरीर बुधवार को जैसे ही दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचा, तिरंगे में लिपटे ताबूत को देख हर आंख नम हो गई।  पत्नी हिमांशी, जिनसे उनकी शादी महज 6 दिन पहले हुई थी, पति के ताबूत से लिपट कर फूट-फूटकर रो पड़ीं। लेकिन फिर जो उन्होंने कहा, उसने पूरे देश को गर्व से भर दिया। उन्होंने कहा,
“आप मेरी ज़िंदगी के सबसे बेहतरीन इंसान हैं। हम हमेशा आपका सर गर्व से ऊंचा रखेंगे।”

6 दिन की शादी, अधूरी रह गई मोहब्बत की कहानी

26 वर्षीय विनय नरवाल, हरियाणा के करनाल जिले के भुसली गांव के रहने वाले थे। वे अपनी पत्नी हिमांशी के साथ हनीमून मनाने कश्मीर के पहलगाम आए थे। लेकिन मंगलवार को बैसरन इलाके में आतंकियों की फायरिंग में उनकी जान चली गई। हिमांशी और उनका 18 वर्षीय बेटा (पिछली रिपोर्ट से) हमले में बाल-बाल बचे।

विनय के गांव में मातम

विनय की शहादत की खबर मिलते ही उनका गांव भुसली गहरे सदमे में डूब गया। गांव के सरपंच राजेंद्र सिंह और पंच सुरेंद्र कुमार ने बताया कि पुलिस और एसपी ऑफिस से फोन आया और विनय की शहादत की पुष्टि की गई। विनय की शादी 13 अप्रैल को हुई थी। एक हफ्ते पहले हंसते-खेलते जिस घर से बारात निकली थी, आज वहां मातम पसरा है।

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