इरफान का कांग्रेस आलाकमान को अल्टीमेटमः मुस्लिम वोट को हल्के में नहीं ले पार्टी, मुसलमान को नजरअंदाज करना होगा आत्मघाती!

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Live Dainik

April 16, 2024

रांची: जामताड़ा से कांग्रेस विधायक इरफान अंसारी (irfan ansari)  ने पार्टी आलाकमना को मुस्लिम वोट को लेकर अल्टीमेटम दिया है। अपने पिता फुरकान अंसारी के लिए टिकट चाह रहे इरफान अंसारी ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गुलाम अहमद मीर को टैग करते हुए सोशल मीडिया पर अपनी बातें बड़े कड़े शब्दों में रखा है। लोकसभा चुनाव में झारखंड से एक भी मुस्लिम उम्मीदवार को नहीं उतारने के बहाने इरफान ने अपने तरीके से पिता फुरकान अंसारी को टिकट देने की मांग करते हुए अपने पोस्ट में कहा है कि मुसलमान को लोकसभा चुनाव के दौरान नजर अंदाज करना आत्मघाती कदम होगा। कांग्रेस पार्टी मुसलमान वोट को हल्के में नहीं ले। उन्होने कहा कि मै गुलाम अहमद मीर से आग्रह करता हूं कि वो लोकसभा टिकट पर पूर्ण विचार करें।

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इरफान अपने पिता पूर्व सांसद फुरकान अंसारी के लिए गोड्डा से लोकसभा का टिकट चाह रहे थे, इरफान का पोस्ट बता रहा है कि उनके पिता अब रेस में पिछड़ चुके है और कांग्रेस ने किसी अन्य को टिकट देने का मन बना लिया है, ऐसे में इरफान ने मुस्लिम वोट के बहाने अपनी पीड़ा सामने रखते हुए पोस्ट में लिखा है कि झारखंड के प्रभारी @GAMIR_INC से आग्रह है कि लोकसभा टिकट पर पूर्ण विचार करें।गिव एंड टेक की पॉलिसी होना चाहिए।हम देंगे वो नहीं देगा।यह किसने कहा।इस तरह की बातें कर आलाकमन गुमराह किया गया।देश के महान एवं मजबूत प्रदेश अध्यक्ष और CLP के रहते ऐसा निर्णय नहीं हो सकता पूर्ण विचार करें।

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irfan post
18%आबादी होने के बावजूद झारखंड मे एक सीट मुसलमान को नहीं देना पार्टी की बहुत बड़ी भूल और आत्मघाती कदम होगा। पार्टी के इस निर्णय से समाज मे भारी आक्रोश है।इतनी बड़ी आबादी को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। कुछ नेताओं ने भरम फैलाया है कि अगर मुसलमान को टिकट दिया गया तो वोट ध्रुवीकरण हो जाएगा तो इसकी क्या गारंटी है की अन्य जिसको भी टिकट दिया जा रहा है तो वह जीत जाएगा। 2%,3%,4% वालों को टिकट मिल रहा है तो क्या 18 % वाला सिर्फ वोट देने के लिए है।पार्टी इस पर विचार करें नहीं तो लोकसभा के साथ-साथ विधानसभा पर भी इसका गहरा प्रभाव पड़ेगा। मुसलमान का वोट को कांग्रेस पार्टी हल्के में ना लें।कांग्रेस पार्टी द्वारा अल्पसंख्यक समुदाय को नजरअंदाज करने का ही नतीजा है कि अन्य राज्यों में इनका वोट क्षेत्रीय पार्टी की तरफ चला गया है।मुसलमान अपने आप को ठगा महसूस कर रहा है।पार्टी इस पर पुनः विचार करें और इतनी बड़ी आबादी वाले समाज को अनदेखी ना करे।

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