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सीता सोरेन के JMM छोड़ने पर कल्पना ने तोड़ी चुप्पी, परिवार को लड़ाकर BJP घर में घुसी है, अभी संघर्ष का समय है

गिरिडीह : पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन मंगलवार को एक बार फिर गांडेय आई और उन्होने इस बार बिना नाम लिये सीता सोरेन के जेएमएम छोड़कर बीजेपी में जाने को लेकर अपनी चुप्पी तोड़ी। उन्होने सभा को संबोधिमत करते हुए बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि ये परिवार को लड़ाकर घर में घुसे है। अभी हमारे लिये संघर्ष का समय है, क्योकि आपके द्वारा चुने गए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को ये लोग जेल में बैठा लिया है, लेकिन हमारे पार्टी के जो भी कार्यकर्ता है वो भूखे पेट धुप में अपनी बात मुझ तक पहुंचाने के लिए आप लोग यहां आया है, इसके लिए आप सभी को धन्यवाद है, हेमंत सोरेन जी के, दिशोम गुरू के आंख नाक कान सब आप है। मेरे हर कार्यकर्ता जेएमएम के शरीर के अंग है। आप सब लोग बता दीजिये कि बाहर से आया हुआ कोई भी झारखंड में नफरत नहीं फैला सकता है, ये भाईचारे का राज्य है। इस लड़ाई को हम सबको मजबूती से लड़ना है।कल्पना सोरेन ने कहा कि पहले उन्होने हेमंत सोरेन जी को षड्यंत्र कर जेल भेजा उसके बाद उन्होने इनके पविर को तोड़ा है।
कल्पना सोरेन ने आगे बीजेपी में सीता सोरेन के शामिल होने पर बिना सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मैं भाग्यशाली हूं कि आज यहां मुझे आपकी बातों, समस्याओं और अनुभवों को सुनने का मौका मिला। आदरणीय दिशोम गुरुजी के संघर्ष के समय से आप झामुमो परिवार का हिस्सा हैं, यह देखकर गौरवान्वित हूं। आप सभी को हार्दिक धन्यवाद, आभार और जोहार।
देश का लोकतंत्र खतरे में है। संविधान बदलने का षड्यंत्र किया जा रहा है। परिवार में पिता को बेटे से, भाई को भाई से, चाचा को भतीजे से लड़ाने में जुटी है भाजपा। आप सभी से आग्रह है अपने क्षेत्र में जाकर लोगों को बताइएगा कि आपके हेमन्त जी को कैसे तानाशाही ताकतों द्वारा जानबूझकर जेल में डाला गया है। कैसे झारखण्ड के साथ सौतेला व्यवहार किया गया है।
आज हेमन्त जी जेल में हैं मगर झारखण्ड का उनका पूरा परिवार उनकी लड़ाई लड़ रहा है। आप ही उनके आंख, नाक और कान, उनके ताकत हैं।
आगामी चुनाव में आप सभी आदरणीय दिशोम गुरुजी और हेमन्त जी के हाथ और मजबूत करें, यही आपसे आग्रह है।
आप सभी से यह भी आग्रह है कि आगामी 21 अप्रैल को रांची में होने वाले उलगुलान न्याय महारैली में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर उलगुलान का उद्घोष और हुंकार दिल्ली तक पहुंचाने का काम करें।

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