रांची : सीबीआई ने अपने जांच में बड़े पैमाने पर झारखंड में फर्जी तरीके से डोमिसाइल और जन्म प्रमाणपत्र बनाकर सैनिक स्कूल और कई प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में नामांकन कराने के मामले का खुलासा किया है। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट रक्षा मंत्रालय को सौंप दी है।
इस रिपोर्ट में खुलासा किया है कि अधिकारी और अभिभावक मुखिया, पंचायत सचिव और वार्ड पार्षद की मिलीभगत से फर्जी डोमिसाइल और जन्म प्रमाणपत्र बना रहे है। झारखंड का जो डोमिसाइल बनाया जा रहा है उसमें से अधिकांश राज्य के बाहर के रहने वाले है। ऐसे फर्जी डोमिसाइल और जन्म प्रमाणपत्र बनाकर सैनिक स्कूल तिलैया में बड़े पैमाने पर नामांकन कराया गया है। इस पूरे खेल के पीछे किसी बड़े रैकेट का हाथ होने की भी आशंका जताई जा रही है, सीबीआई उस रैकेट और उसके चेन को पकड़ने को लेकर कार्रवाई कर रही है।
सीबीआई ने अपनी जांच में पाया कि सैनिक स्कूल या अन्य राज्य के प्रतिष्ठित स्कूल में नामांकन के लिए पूर्व में के स्कूल की लिविंग सर्टिफिकेट भी फर्जी बनाकर जमा किया गया। पहले फर्जी डोमिसाइल-जन्मप्रमाण पत्र और फिर फर्जी लिविंग सर्टिफिकेट का इस्तेमाल कर सैनिक स्कूल में झारखंड के कोटे से नामांकन प्राप्त कर लिया। फर्जी तरीके से स्कूल में दाखिला लेने की वजह से योग्य और झारखंड के बच्चों सैनिक स्कूल या अन्य योग्य स्कूल में नामांकन से वंचित रह जा रहे है।
सीबीआई सैनिक स्कूल तिलैया में एआईएसएसइई 2018 की परीक्षा में हुई गड़बड़ी की जांच कर रहा है, इसी जांच के दौरान कई चौकाने वाले तथ्य सामने आया है। सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट में फर्जी तरीके से सैनिक स्कूल में दाखिला लेने वालों पर कार्रवाई करने जिक्र अपनी रिपोर्ट में किया है। इस रिपोर्ट में सीबीआई ने फर्जी डोमिसाइल और जन्म प्रमाणपत्र के आधार पर नामांकन लेने वाली की पूरी सूची अपनी रिपोर्ट में दी है।
वही फर्जी डोमिसाइल प्रमाणपत्र के मामले में सीबीआई ने 3 फरवरी को कोलकाता और और उससे सटे उत्तर 24 परगना जिले के आठ स्थानों पर छापेमारी की। साल 2023 में हुगली के रहने वाले विष्णु चौधरी ने हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। उनका आरोप है कि दो पाकिस्तानी नागरिक उत्तर 24 परगना जिले के बैरकपुर स्थित आर्मी कैंप में काम कर रहे हैं।
झारखंड में बन रहा है फर्जी डोमिसाइल, सैनिक स्कूल तिलैया के नामांकण में हुई बड़े पैमाने पर गड़बड़ी, CBI जांच में खुलासा

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