पूर्व खनन अधिकारी के ठिकानों पर छापा, CBI को मिले 65 लाख कैश व गहने

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November 7, 2024

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अवैध खनन मामले में सीबीआई (CBI) ने झारखंड में छापेमारी के दौरान साहिबगंज के पूर्व जिला खनन अधिकारी विभूति कुमार से 13 लाख रुपये से अधिक की नकदी और लगभग 52 लाख रुपए के आभूषण जब्त किए हैं। अधिकारियों ने जानकारी देते हुए बताया कि एजेंसी ने 20 स्थानों पर तलाशी अभियान शुरू किया था।

जिसमें झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के पूर्व सहयोगी पंकज मिश्रा के ठिकानों पर भी दबिश दी गई, जिनका नाम भी FIR में दर्ज नामजद आरोपियों में हैं। अधिकारियों ने बताया कि सीबीआई के दलों ने अभियान के दौरान अब तक 75 लाख रुपए जब्त किए हैं, जिसमें विभूति कुमार के परिसरों से जब्त की गई राशि भी शामिल है।

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उन्होंने बताया कि नकदी और आभूषणों के अलावा सीबीआई ने कुमार के परिसरों से 11 लाख रुपए के निवेश, करोड़ों रुपये की सात संपत्तियों से संबंधित दस्तावेज और लगभग 10 लाख रुपए की फिक्स्ड डिपॉजिट की रसीदें भी जब्त की हैं। एजेंसी ने झारखंड हाई कोर्ट के निर्देश पर 20 नवंबर, 2023 को मामला दर्ज किया था।

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सीबीआई की रांची शाखा ने पिछले साल 20 नवंबर को दर्ज FIR में पंकज मिश्रा, पवित्र कुमार यादव, राजेश यादव, संजय कुमार यादव, बच्चू यादव, संजय यादव और सुवेश मंडल को नामजद किया है। केंद्रीय एजेंसी के मुताबिक ये आरोपी साहिबगंज के नींबू पहाड़ से पत्थर की चोरी और अवैध खनन में कथित तौर पर शामिल हैं।

सीबीआई के एक प्रवक्ता ने कहा, ‘जांच के दौरान खुलासा हुआ कि साहिबगंज जिले में बड़े पैमाने पर अवैध खनन गतिविधियों के कारण सरकार को काफी नुकसान हुआ है, मुख्य रूप से रॉयल्टी का भुगतान न किए जाने और खनन कानूनों के उल्लंघन के कारण।’

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उन्होंने बताया कि उन संदिग्धों के परिसरों की तलाशी ली जा रही है जिनकी भूमिकाएं जांच के दौरान सामने आई हैं। उन्होंने बताया कि जांच से पता चला कि आरोपी और कुछ संस्थाएं इस पूरे घटनाक्रम में कथित रूप से संलिप्त थीं।

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झारखंड उच्च न्यायालय ने सीबीआई को साहिबगंज पुलिस द्वारा नामजद आरोपियों के आचरण के साथ ही याचिकाकर्ता बिजय हंसदा के आचरण की भी प्रारंभिक जांच करने का निर्देश दिया था, जिन्होंने रिट याचिका वापस लेने का अनुरोध किया था।

अदालत ने हंसदा की याचिका पर यह आदेश जारी किया, जिसमें आरोप लगाया गया था कि पिछले ढाई साल से पत्थर माफिया उनके जिले के खनन अधिकारियों समेत सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से अवैध खनन कर रहे हैं।

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