कांग्रेस के नाराज विधायक दिल्ली में , मांग नहीं माने जाने पर जाएंगे बेंगलुरू, JMM में सीता और बैजनाथ भी नाराज

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February 18, 2024

रांची : चंपाई सोरेन सरकार में हुए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद कांग्रेस और जेएमएम विधायकों के बीच विरोध के स्वर तेज हो गए है। एक तरफ कांग्रेस के नाराज आठ विधायक दिल्ली पहुंच गए है तो वही जेएमएम विधायक सीता सोरेन और बैजनाथ राम भी मंत्री नहीं बनाये जाने से नाराज हो गए है। सीता सोरेन ने कहा कि वो मंत्री पद के लिए गिड़गिड़ाने नहीं जाएंगी। सीता सोरेन ने शनिवार का मुख्यमंत्री और जेएमएम अध्यक्ष शिबू सोरेन से मिलकर अपनी नाराजगी जता चुकी है। सीता सोरेन अपने बेटी जयश्री के लिए दुमका की लोकसभा सीट चाहती है। 2019 में इस सीट से शिबू सोरेन चुनाव लड़े थे। वही बैजनाथ राम ने शपथग्रहण से ठीक पहले मंत्री पद से उनका नाम हटाये जाने को लेकर अपनी नाराजगी पहले ही जता दी थी, उन्होने कहा है कि वो अपने समाज के लोगों के साथ बैठक करेंगे और अगले 24 घंटे में कोई फैसला लेंगे।
वही दूसरी ओर कांग्रेस के विधायक उमाशंकर अकेला, इरफान अंसारी, जयमंगल सिंह उर्फ अनूप सिंह, भूषण बाड़ा, अंबा प्रसाद, राजेश कच्छप, दीपिका पांडे सिंह और सोनाराम सिंकू दिल्ली में है। वो कांग्रेस आलाकमान से मिलकर चंपाई सोरेन सरकार में कांग्रेस कोटे से बने चारों मंत्रियों को हटाने की मांग करेंगे। विधायकों ने कहा है कि अगर उनकी मांग नहीं मानी जाएगी तो वो सभी बजट सत्र में भाग नहीं लेंगे और बेंगलुरू चले जाएंगे। इन विधायकों का दावा है कि जो चार विधायक पूर्णिमा नीरज सिंह, शिल्पी नेहा तिर्की, नमन विक्सल कोंगाड़ी, रामचंद्र सिंह दिल्ली नहीं आए है वो जल्द ही साथ आएंगे। सभी 12 विधायक एक साथ है। नाराज कांग्रेस विधायकों को दिल्ली जाने से रोकने के लिए मंत्री बसंत सोरेन भी रांची के रासो होटल गए थे लेकिन वो कामयाब नहीं हुए। उन्होने बाहर निकलकर मीडिया से कहा था विधायकों की आशंकाएं दूर कर दी गई है, पूरा परिवार एकजुट है। लेकिन गठबंधन दलों के अंदर विधायकों की नाराजगी ने जरूर सियासी हलचल को एक बार फिर तेज कर दिया है।

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