चाईबासा: गुरूवार को खूंटकही रैयत रक्षा समिति के बैनर तले रैयतों ने समाहरणालय जाकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन कर रहे रैयतों की मांग है कि रिंग रोड़ बनाने के लिए उनकी जमीन का अधिग्रहण नहीं किया जाए। ये जमीन कृषि जमीन है, अगर इसका अधिग्रहण किया जाएगा तो उनके रोजी रोटी पर संकट उत्पन्न हो जाएगा।
समाहरणालय में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने बताया कि 14 जनवरी 2024 को अखबार में एक विज्ञापन छपा जिसमें पुटिदाह से लेकर रघुनाथपुर तक 18 किलोमीटर की दूरी में बाइपास सड़क बनेगा। उसमें लिखा था कि अगर 21 दिनों के अंदर आप लोग आपत्ति जाहिर नहीं करते है तो फिर आप लोगों के पक्ष को नहीं सुना जाएगा। इसी विज्ञापन के बाद हमलोगों ने 24 और 25 जनवरी को पदयात्रा किया था, उसी मार्ग में जिसके बारे में विज्ञापन में लिखा गया था कि इसे चिन्ह्रित किया गया है बाइपास के लिए। रघुनाथपुर से लेकर पुटिदाह तक जो भी गांव आते है सब ने पैदल मार्च कर प्रदर्शन किया था। हमारी बहू फसल वाली जमीन है, जिसका अधिग्रहण नहीं किया जाना चाहिए। जमीन अधिग्रहण होने से अकुशल मजदूरों के साथ साथ आदिवासी मूलवासी के रोजी रोटी पर संकट आ जाएगा क्योकि उनकी आजीविका इसी से चलती है। आजीविका पर आये संकट को लेकर समाहरणालय में प्रदर्शन किया गया है।
चाईबासा में रिंग रोड़ के विरोध में एकजुट हुए रैयत, जमीन अधिग्रहण के खिलाफ समाहरणालय में प्रदर्शन

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