डेस्कः केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(CBSE) ने 10वीं बोर्ड की परीक्षा साल में दो बार लिये जाने की मंजूरी दे दी है। 2026 से सीबीएसई की ओर से 10वीं बोर्ड की परीक्षाएं (CBSE 10th Board Exam) साल में दो बार आयोजित की जाएगी। सीबीएसई एग्जाम कंट्रोलर संयम भारद्वाज ने बताया कि CBSE ने दो बार परीक्षाएं करवाने के मॉडल को मंजूरी दे दी है।
खान सर की पार्टी में 16 साल के लड़के की डाइट देखकर सब हैरान, 25 मछली का मुडा, 30 लेग पीस और 70 रोटी..
नए नियमों में 10वीं के छात्रों के लिए पहली बार की बोर्ड परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा। दूसरी परीक्षा में बैठना वैकल्पिक रहेगा।पहले चरण की परीक्षा फरवरी और दूसरा चरण मई में होगा।बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि आंतरिक मूल्यांकन (इंटरनल असेसमेंट) केवल एक बार ही किया जाएगा, भले ही छात्र एक या दोनों चरणों की परीक्षाएं दें। सीबीएसई का उद्देश्य इस व्यवस्था से छात्रों को बेहतर अवसर देना है। ताकि वो अपनी तैयारी के अनुसार बेहतरीन प्रदर्शन कर सकें और तनाव भी कम हो।
झरिया की आग बुझाने के लिए केंद्रीय कैबिनेट से नए मास्टर प्लान को मंजूरी, 5490 करोड़ से बूझेगी की आग
कब होगी परीक्षाएं?
-CBSE की ओर से फरवरी में जो ड्राफ्ट तैयार किया गया था, उसमें कहा गया था कि CBSE 10वीं बोर्ड परीक्षा के पहले चरण की परीक्षा 17 फरवरी से 6 मार्च के बीच आयोजित हो सकती है और दूसरे चरण की परीक्षाएं 5 से 20 मई के आयोजित होंगी।
-आपको ये भी बता दें कि पहले और दूसरे चरण की परीक्षाओं में सेलेबस भी एक ही रहेगा और पूर्ण पाठ्यक्रम शामिल होगा। इसके साथ ही जो भी स्टूडेंट दोनों परीक्षा में हिस्सा लेंगे, उनके परीक्षा केंद्र एक ही होंगे।
-अगर एग्जाम फीस की बात करें तो रजिस्ट्रेशन के वक्त ही दोनों परीक्षाओं की फीस जमा करनी होगी।
-CBSE दूसरे एग्जाम के जरिए उन स्टूडेंट्स को मौका देना चाहता है, जो एक बार परीक्षा के बाद अपने परिणामों में सुधार करना चाहते हैं।
कौन सा नंबर फाइनल माना जाएगा
अगर कोई स्टूडेंट साल की दोनों परीक्षाओं में हिस्सा लेता है तो उसके उन नंबरों को फाइनल माना जाएगा, जो ज्यादा होंगे। अगर किसी के पहले एग्जाम में ज्यादा नंबर आते हैं और दूसरे एग्जाम में कम नंबर आते हैं तो उसके पहले चरण की परीक्षा के नंबर को फाइनल माना जा सकता है।




